अमर शहीद पशुपतिनाथ सिंह की शहादत दिवस में नहीं पहुंचे वरीय पदाधिकारी,महुआ एसडीपीओ ने दी श्रद्धांजलि।
रिपोर्ट सुधीर मालाकार।
हाजीपुर (वैशाली) जिले के जंगबाज सिपाही अमर शहीद पशुपतिनाथ सिंह उर्फ लोहा सिंह की शहादत दिवस पर लगने वाला शहीदी समारोह एक औपचारिकता बनकर रह गई । शहादत दिवस पर जहां तिरहुत प्रमंडल के आईजी, डीआईजी कमिश्नर ,एसपी कलेक्टर सहित अन्य पदाधिकारी का आगमन हुआ करता था ,कमिश्नरी क्षेत्र के पुलिस क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस पदाधिकारी को सम्मानित करने की परंपरागत चलती आई आ रही थी, जिस पर कहीं न कहीं ग्रहण लग गया । बताते चले की वैशाली जिले के पातेपुर थाना में तैनात दरोगा पशुपतिनाथ सिंह उर्फ लोहा सिंह की शहादत को लोग आज भी पुलिस महकमे द्वारा भुलाई जा रही है ।आज भी वहां के लोगों को वह दिन याद है जब पशुपतिनाथ सिंह पातेपुर थाना में एक दरोगा के पद पर तैनात थे। 8 अप्रैल 1959 को आधी रात में उन्हें सूचना मिली कि डकैतों का एक दल बलिगांव में धाबा बोलने वाला है , अकेले घोड़े पर सवार होकर डकैतों का सामना करने हुए मुहतोड़ जवाब दिया ।तीन डकैतों को वहीं पर मार गिराया लेकिन दुर्भाग्य बस डकैतों की गोली से वे भी घायल हो गए ।अस्पताल ले जाने क्रम में 9 अप्रैल को वे दुनिया को अलविदा कहा । उनकी स्मृति में बलिगांव में थाना का निर्माण हुआ और एक स्मारक की स्थापना की गई। तब से प्रत्येक वर्ष बलिगांव में लोहा सिंह की स्मारक पर शहादत दिवस मनाई जाती रही है, जिसमें कमिश्नरी से लेकर जिला, अनुमंडल ,प्रखंड तक के सभी पुलिस प्राधिकारी का जमावड़ा होता है ,लेकिन इस वर्ष दुर्भाग्य की बात है ,महुआ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के ऊपर का कोई भी पदाधिकारी इस कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सका ।जबकि इस ट्रस्ट के संरक्षक वैशाली डीएम, एसपी हुआ करते हैं ,उनकी भी उपस्थित इस कार्यक्रम में नहीं हो सकी। जानकारी के अनुसार स्थानीय पातेपुर प्रखंड के बीडीओ, सीओ तथा विधायक भी इस कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके। इससे पता लगाया जा सकता है कि शहीदों के प्रति कितनी श्रद्धा इन लोगों के दिल में है ।इस अवसर पर महुआ एसडीपीओ कुमारी दुर्गा शक्ति एवं शिवहर के डीएसपी ने अमर शहीद पशुपतिनाथ सिंह उर्फ़ लोहा सिंह की आदम कद प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके उनके आदर्शों पर चलने का उपस्थित पुलिस प्राधिकारियों को संकल्प दिलाया।