हज यात्री को सेल्फी और परिवार के लिए उमराह से ज्यादा हज के अरकान अनिवार्य है। मौलाना कासिमुल हक़
वैशाली: आईपीएस, महाराष्ट्र के वफादार और दयालु बेटे, श्री मुहम्मद इमामुल अंसारी, अनवर अंसारी, इनाम अंसारी ने अपने पिता, बदरुल अंसारीऔर माता, जमरुन निसा की हज यात्रा पर करहटिया बुजुर्ग, ब्लॉक चेहरा कलां वैशाली में कार्यक्रम आयोजित हुआ जहां विद्वानों और कवियों के ज्ञानवर्धक और सत्य कथनों से श्रोताओं को प्रबुद्ध किया। साथ ही मोहम्मद अजमत अंसारी,पत्नी कुरैशा खातून, मोहम्मद शमसुल हक पैगंबरपुर मुजफ्फरपुर, मोहम्मद हदीस अंसारी, पत्नी असमा खातून, चक वली,वैशाली, मोहम्मद मुर्तजा अंसारी, पत्नी कनीज फातिमा ने सामूहिक रूप से इस कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर सभा के अध्यक्ष हजरत मौलाना कासिमुल हक यूसुफी चांदपुर फतेह पातेपुर वैशाली ने कहा कि अगर हाजी हज पर जाते हैं तो ज्यादा सेल्फ़ी और परिवार के लिए उमरा करने और सामान खरीदने में लगा देते हैं जबकि हाजी को अपने अरकान पर पुरा ध्यान देना चाहिए। साथ ही अपने व्यवहार में पुरा पुरा गंभीरता रखें। अगर मौका मिले तो छूटी हुई नमाज़ें और रोज़े पूरे कर लें, क्योंकि हरम में एक रकअत नमाज़ या एक नेकी का सवाब एक लाख के बराबर होता है। इनके अलावा मुफ्ती मुहम्मद अली रजा मिस्बाही महुआ , मौलाना रईस आलम, मौलाना अबुल कलाम रिजवी मथाना मलिक, मुफ्ती साजिद मिस्बाही बकसावां ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम में सुफयान अंसारी, बिलाल अंसारी करहटिया, मकसूद अंसारी, मकबूल अंसारी पैगबरपुर मुजफ्फरपुर, मुहम्मद शमशीर, मुहम्मद अली शेर, मुहम्मद नूर शेर, मुहम्मद गुल शेर चक वली, अरशद अंसारी, अतहर अंसारी, अज़हर अंसारी कार्यक्रम में उपस्थित थे कार्यक्रम का प्रारंभ हजरत मौलाना मोइनुद्दीन करहटिया द्वारा कुरान की तिलावत से हुई और संचालन मौलाना गुलाब ने की और कार्यक्रम की समाप्ति दोआ के बाद हुआ.