खुशियों के जश्न में डूबे लालू यादव ने अपने पोते का नाम “इराज ” रखा।
खुशियों के जश्न में डूबे लालू यादव ने अपने पोते का नाम “इराज ” रखा।
रिपोर्ट सुधीर मालाकार ।
हाजीपुर( वैशाली) जहां राजद परिवार में तेज प्रताप यादव के प्रक्रम को लेकर सियासी हल चल तेज है, वही मंगलवार की सुबह लालू परिवार में खुशियों की सौगात लेकर आई। बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एवं राजश्री को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई, जिससे पूरा लालू परिवार ही नहीं, सभी आम जनता ने भी खुशियां मनाते हुए बधाइयां दी है। यह पुत्र रत्न कोलकाता में हुआ है ,जहां स्वयं लालू प्रसाद, राबड़ी देवी ,मिशा भारती, तेजस्वी यादव सहित अन्य परिवार का सदस्य उपस्थित थे ।अपने पोते के जन्म पर लालू प्रसाद ने एक नन्हे मेहमान के रूप में स्वागत किया तथा उसे बिहार का भविष्य बताया ।उन्होंने अपने पोते का नाम नामकरण भी किया ,जिसे उन्होंने “इराज” नाम दिया । साहित्य के अनुसार इराज एक संस्कृत शब्द है ,जिसका हिंदी में कई अर्थ हो सकते हैं। आमतौर पर इराज का अर्थ होता है “फूल” या “खुशी” या प्रकृति से उत्पन्न होने वाला।कुछ लोगों का मानना है की “इराज” वीर हनुमान और भगवान कामदेव का ही नाम है। वैसे तेजस्वी यादव की प्रथम पुत्री का नाम कात्यायनी है ,जिसका जन्म नवरात्र के षष्ठी के दिन हुई थी और उस दिन मां कात्यायनी की पूजा अर्चना के दिवस था ,इसलिए उसका नाम कात्यायनी पड़ा । पोते का जन्म वीर हनुमान जी के दिन मंगलवार को हुआ इसलिए इसका नाम हनुमान जी के ही उपनाम “इराज” रखा गया है। नन्हे मेहमान के नामकरण पर पूरे राष्ट्रीय जनता दल परिवार ने स्वागत करते हुए बधाई दी है।
