मध्यस्थता से मिलेगा सुलभ न्याय
मध्यस्थता से मिलेगा सुलभ न्याय
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली की मध्यस्थता सुलह परियोजना समिति और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार, राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 2025 को सफल बनाने के लिए हाजीपुर व्यवहार न्यायालय में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय आनंद तिवारी ने की। बैठक में सुपरवाइजरी कमेटी के अध्यक्ष ऋषि कुमार सिंह सहित जिला विधिज्ञ संघ अध्यक्ष चंडीलाल दास उपाध्यक्ष मुकेश रंजन तथा सचिव राज कुमार सिंह एवं जिला अधिवक्ता संघ अनिल कुमार सिन्हा लोक अभियोजक श्याम बाबू राय के साथ अन्य विद्वान अधिवक्तागण उपस्थित रहे। बैठक में बताया गया कि 1 जुलाई से 30 सितंबर तक राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान अधिक से अधिक सुलहनीय वादों का
मध्यस्थता के माध्यम से निष्पादन किया जाएगा। सभी विद्वान अधिवक्तागण को अनुरोध किया गया कि वैवाहिक विवाद, दुर्घटना दावा, घरेलू हिंसा, वाणिज्यिक विवाद, चेक बाउंस, सेवा संबंधी मामले, आपराधिक संज्ञेय वाद, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, संपत्ति विभाजन, निष्कासन, भूमि
अधिग्रहण आदि जैसे वादों को मध्यस्थता केंद्र के माध्यम से निस्तारण हेतु पूर्ण कराने की आवश्यकता है। मध्यस्थता प्रक्रिया के माध्यम से ही आमजनों तक सुलभ, सहज एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराया जा सकता है। साथ ही बैठक में ई फाइलिंग के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर चांदी लाल दास, लक्ष्मण कुमार राय, राजकुमार सिंह, अनिल कुमार सिन्हा, दीपक कुमार पासवान, साकेत कुमार, दिग्विजय कुमार, अमरेंद्र कुमार, सुनील कुमार, सुमित कुमार, मुकेश रंजन, अजय कुमार, अंजू बाला सिंहा, नवीन कुमार झा, विजय कुमार, नितीश कुमार, रंजीत कुमार, ख्वाजा हसन खान, जयप्रकाश, चंदेश्वर प्रसाद सिंह, अमरेश कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह, संजय कुमार, आलोक स्वामी, देवेंद्र कुमार, रमेश प्रसाद, दीपक कुमार, सुबोध कुमार सिंह, रत्नेश तिवारी, रवि शंकर सिंह, लक्ष्मी नारायण हिमांशु, राजीव कुमार रंजन, शोएब कुमार, अमरजीत कुमार, उमेश प्रसाद, कुमार सानू, संतोष कुमार, हेमंत ठाकुर, शिवनाथ पंडित, गौतम कुमार, मनदीप कुमार सिंह आदि मौजूद थे।
