April 17, 2026

NR INDIA NEWS

News for all

रोगी हितधारक मंच (पीएसपी) के कार्यों की सिविल सर्जन ने की सराहना

रोगी हितधारक मंच (पीएसपी) के कार्यों की सिविल सर्जन ने की सराहना

मंच के सदस्यों ने अपने किए कार्यों को सीएस के समक्ष किया प्रस्तुत
•जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक का हुआ आयोजन
•जिला स्वास्थ्य समिति सभागार में हुआ बैठक का आयोजन

 

मुजफ्फरपुर। 05 अगस्त
जनप्रतिनिधि और जीविका को रोगी हित धारक मंच के सदस्य के रूप में जोड़ना अच्छी पहल है। जिस तरह से फाइलेरिया रोग से संबंधित आंकड़े, रजिस्टर और पेशेंट आईडी रोगी हितधारक मंच से संबंधित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर है। वैसा अगर हर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर हो तो फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में यह सकारात्मक पहल होगी। ये बातें जिला स्वास्थ्य समिति के सभागार में मंगलवार को सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार ने कही। मालूम हो कि जिला स्वास्थ्य समिति के सभागार में जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. सुधीर कुमार की अध्यक्षता में रोगी हितधारक मंच ( पीएसपी ) के किए गए काम की समीक्षा की गयी।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. सुधीर कुमार ने शामिल प्रतिभागियों से कहा कि जागरूकता ही फ़ाइलेरिया से बचाव का सबसे मजबूत हथियार है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता का पालन, फ़ाइलेरिया मरीजों द्वारा एमएमडीपी किट का सही तरीके से इस्तेमाल करना जरुरी है। उन्होंने रोगी हितधारक मंच के सदस्यों को कहा कि आने वाले मानसून के दौरान अपने क्षेत्र में पानी जमा नहीं होने दें और मच्छर से सुरक्षा के उपाय करें। उन्होंने शामिल सभी सीएचओ से कहा कि मंच की बैठकों में बारिश जनित रोगों की चर्चा करें और अपने मंच के सदस्यों के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैलाएं।
मड़वन में रोगी हितधारक मंच से जुड़ी सीएचओ अभिलाषा प्रिया ने बताया कि पहले हमे फाइलेरिया के बारे में उतनी समझ नहीं थी। रोगी हितधारक मंच के क्रियाकलाप और बैठकों से मैं एमएमडीपी किट के इस्तेमाल के महत्व, व्यायाम और स्वास्थ्य लिंकेज के बारे में विस्तार से जाना। ऐसी कई आशा कार्यकर्ता भी हैं जो रोगी हितधारक मंच से जुड़ने के बाद एमएमडीपी के इस्तेमाल की जानकारी फाइलेरिया रोगियों को देती है।

रोगी हितधारक मंच के सदस्यों को संबोधित करते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन के जोनल कोओर्डिनेटर डॉ माधुरी देवराजु ने बताया कि जिन लोगों में माइक्रोफ़ाइलेरिया पॉजिटिव मिलते हैं उन्हें ही 12 दिन की दवा देने की जरुरत है। बाकी लोग साल में एक बार एमडीए अभियान के दौरान फ़ाइलेरिया की दवा का सेवन कर इस बीमारी से सुरक्षित रह सकते हैं। उन्होंने मंच में शामिल लोगों एवं फ़ाइलेरिया मरीजों से बात की और उनकी शंकाओं का समाधान किया।
बैठक में मुखिया, वार्ड सदस्य, फ़ाइलेरिया मरीज एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का संचालन सिफार की नीतू कुमारी ने किया और रोगी हितधारक मंच द्वारा किए गए कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया।
मौके पर भीडीसीओ अभिषेक कुमार, भीबीडीएस राजीव रंजन, सीफार के प्रमोद कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी और रोगी हितधारक मंच के सदस्य उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.