पानी के कारण विगत दो वर्षों से प्रखंड क्षेत्र के प्रमुख चंवर में रवि और खरीफ फसल की बुआई नहीं हो पा रही है। रिपोर्ट अभिजीत कुमार
पानी के कारण विगत दो वर्षों से प्रखंड क्षेत्र के प्रमुख चंवर में रवि और खरीफ फसल की बुआई नहीं हो पा रही है।
रिपोर्ट अभिजीत कुमार वैशाली देसरी प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न चंवर में जल जमाव के कारण धान की रोपनी की कोई उम्मीद नहीं होने से किसान परेशान है। खेतों से पानी नहीं निकलने पर मध्यम वर्ग के किसान भुखमरी के कगार पर आ चुके है। पानी के कारण विगत दो वर्षों से प्रखंड क्षेत्र के प्रमुख चंवर में रवि और खरीफ फसल की बुआई नहीं हो पा रही है। इस वर्ष भी चंवर पानी से झील बना हुआ है। जिसके कारण इस बार भी किसान धान की रोपनी नहीं कर सके है। उपरी इलाका में अब तक मात्र चार प्रतिशत ही किसानों ने धान की रोपनी कर पाए है। किसान प्रदीप सिंह, बलिन्द्र सिंह, राजकिशोर सिंह, संजय सिंह, विश्वजीत सिंह, मनोज सिंह, राजेश सिंह, विजय सिंह, विरेंद्र सिंह, पप्पु सिंह, अमरेंद्र राय, हरिहर राय, राज महतों, अजय सहनी के अलावा सैकड़ों किसानों का कहना है कि लाखो रुपए के विभिन्न योजना का धान का विचरा खेतों में लगाया, लेकिन धनहर खेतों में पानी जमा हो जाने के कारण धान का बिचड़ा के बिचड़ा के साथ धान की रोपनी करने वाला खेत भी झील बन गया। इस तरह का दशा नहरो की बराबर उड़ाही नहीं होने के कारण हो गई है। चंवर से जुड़े नहरों का उड़ाही समय पर हो जाता तो इस तरह का नौवत नहीं होती। उधर विभिन्न नहर और चंवर में भी पानी बढ़ने लगा है। बढ़ रहे पानी को लेकर लोग काफी परेशान है।जिसका खामियाजा किसानों को भुगतनी पड़ रही है। जल निकासी को लेकर किसानो ने कई बार प्रखंड से लेकर जिला तक प्रदर्शन भी किया लेकिन इसका नतीजा कुछ नहीं निकला। जलजमाव को लेकर फिलहाल किसान काफी चिंतित व परेशान है।
संवाददाता अभिजीत कुमार, प्रखंड देसरी
