195 वीं जयंती पर श्रद्धा पूर्वक याद की गई प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले
195 वीं जयंती पर श्रद्धा पूर्वक याद की गई प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले।
रिपोर्ट सुधीर मालाकार ।
हाजीपुर (वैशाली) भारतवर्ष की प्रथम महिला शिक्षिका माता सावित्रीबाई फुले की 195 वीं जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। सहदेइ बुजुर्ग के अंधराबर चौक ,पहाड़पुर तोई स्थित बालेश्वर सिंह सुदामा देवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सभागार में डॉ बी एन शर्मा की अध्यक्षता में सावित्रीबाई फुले की 195 वीं जयंती नारी सम्मान समारोह के रूप में मनाई गई।इस मौके पर ज्योतिबा फुले एवं सावित्रीबाई फुले के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई ।श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जब भारत वर्ष में नारियों को शिक्षा प्राप्त करना पाप समझाया जाता था, वैसे समय में महान समाज सुधारक ज्योतिबा फुले ने 1848 में सर्वप्रथम बालिकाओं के लिए पाठशाला की स्थापना की और वहीं से बालिका शिक्षा की सूत्रपात हुई ।उसमें बतौर शिक्षिका के रूप में सावित्रीबाई फुले नियुक्त हुई। उस समय के तथाकथित रूढ़िवादी व्यवस्था के लोगों ने सावित्री बाई फुले का जोरदार विरोध किया। पढ़ाने जाने क्रम में उनके ऊपर कीचड़, गोबर यहां तक की गंदे सामान भी फेक जाते थे लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अंतः वह नारी की शिक्षा दिलाने में सफल हुई ।आज विभिन्न पदों पर नारियां कार्य कर रही है, यहां तक कि देश के सर्वोच्च स्थान पर नारी ही सुशोभित कर रही है ।यह सब सावित्रीबाई फुले की ही दिन है ।लोगों ने सावित्रीबाई फुले एवं ज्योतिबा फुले को भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित करने का भारत सरकार से मांग की। इस मौके पर सहदेई पंचायत की सरपंच गीता देवी ,सुपरवाइजर इंदु देवी ,डॉ उमाशंकर निराला, श्रीमती सुदामा देवी ,निदेशक सुनील कुमार सिंह, अनिल कुमार सिंह, चंदेश्वर भगत, चूल्हाई भगत, उमाशंकर भगत, सुरेश भगत, बालेश्वर भगत ,अरुण भगत ,रंजन कुमार सिंह, ज्योतिराज लाल सहित अन्य लोग उपस्थित थे। मंच का संचालन प्रो सुधीर मालाकार एवं यादव वीणा भारती ने की इस मौके पर उपस्थित सभी महिलाओं को शॉल,बुके कलम डायरी देकर सम्मानित किया गया।
