पातेपुर में प्रवीण तोगड़िया का उद्बोधन—शब्दों में संकल्प, स्वर में चेतावनी की गूँज
पातेपुर में प्रवीण तोगड़िया का उद्बोधन—शब्दों में संकल्प, स्वर में चेतावनी की गूँज
_रिपोर्ट: सुधीर मालाकार_
पातेपुर (वैशाली) — श्री राम जानकी मठ के प्रांगण में सोमवार शाम जैसे ही प्रवीण तोगड़िया ने कदम रखा, वातावरण मंत्रोच्चार और मिथिला परंपरा की गंध से भर गया। महंत विश्वमोहन दास ने उन्हें पाग, अंगवस्त्र और पुष्प-माला भेंट की, जबकि मंत्री-विधायक लखेंद्र पासवान ने बुके के साथ सम्मान व्यक्त किया। दर्शन और अल्पाहार के बाद जब तोगड़िया जनसमूह के बीच बैठे, उनकी वाणी में कुछ अलग ही दृढ़ता थी।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा—_“तीन बच्चे, हिंदू अच्छे—यह केवल नारा नहीं, समाज की सुरक्षा का सूत्र है। हम संख्या में सिमटे नहीं, संस्कार में फैलें।”_ फिर स्वर थोड़ा ऊँचा कर बोले—_“हर गाँव, हर मोहल्ले में मंगलवार-शनिवार को एक स्वर में हनुमान चालीसा गूँजनी चाहिए; यह प्रार्थना नहीं, एकता का शंखनाद है।”_
हिंदू हेल्पलाइन के ज़िक्र में उनका लहजा और कड़ा हो गया—_“आज दुनिया के किसी कोने में यदि हिंदू संकट में है, तो सहायता कोसों दूर नहीं, घंटों दूर भी नहीं होगी। यह नेटवर्क रक्षा-कवच है—और इसे तोड़ने वाला स्वयं टकराएगा।”_
उनका हर वाक्य आस्था के साथ सामाजिक चेतना का आह्वान बन गया। उपस्थित लोग मंत्रमुग्ध सुनते रहे—एक ओर संस्कृति का कोमल स्पर्श, दूसरी ओर संगठन और सुरक्षा का कठोर संकल्प।
