संपूर्ण मानवता का दर्शन है श्री रामचरितमानस-डॉ पीके राय
संपूर्ण मानवता का दर्शन है श्री रामचरितमानस-डॉ पीके राय
विभूतिपुर/समस्तीपुर
संपूर्ण मानवता का दर्शन श्री रामचरित मानस है। इसमें सत्य, धर्म गुरु सेवा, संत दर्शन, पितृ -भातृ प्रेम, प्रजा प्रेम जैसे मानवीय सारे गुणों के दिग्दर्शन का समुच्चय है। उक्त बातें 2083 नव वर्ष अभिनंदन हेतु महिषी निवासी अरुण कुमार झा के निवास स्थान पर आयोजित रामवरण गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ पीके राय ने संबोधित करते हुए कहा। उन्होंने कहां की दर्पण हमारे गुण-दोष को यथावत दिखता है। अयोध्या में दशरथ की सभा में दर्पण की बात आती है परंतु लंका में नहीं। डॉ उमेश चौधरी ने सनातन धर्म के इतिहास एवं आज भी उसकी आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा किया। वही नंदकिशोर सिंह ने शांति और विनम्रता का अर्थ कायरता नहीं इस पर जोर दिया। गोष्टी के संयोजक अरुण कुमार झा ने वीर सम्राट विक्रमादित्य का परिचय के साथ उनके नवरत्नों में महान खगोल शास्त्री, ज्योतिष विद, वराह मिहिर की विशेषता को रखा।वहीं रामबली दास, शत्रुघ्न पांडेय, अशोक पांडेय, विभीषण पंडित, त्रिवेणी झा आदि ने अपने रचनात्मक झंकार पूर्ण भजन से दर्शकों को आकर्षित किया ।
