April 21, 2026

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हिंदी पखवाड़ा की हुई शुरुआत, हिंदी पखवाड़ा 9 से 23 सितम्बर तक चलेगा। समस्तीपुर(जकी अहमद)

हिंदी पखवाड़ा की हुई शुरुआत, हिंदी पखवाड़ा 9 से 23 सितम्बर तक चलेगा।

समस्तीपुर(जकी अहमद)

डा राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में कुलपति डा रमेश चन्द्र श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हिंदी पखवाड़ा का शुभारंभ किया गया। हिंदी पखवाड़ा 9 से 23 सितंबर तक चलेगा जिसमें कवि सम्मेलन के अतिरिक्त विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति डा श्रीवास्तव, डा एम एन झा,डी पी पी श्रीवास्तव एवं अन्य आगंतुकों ने दीप प्रज्जवलन कर किया। कुलपति ने कहा कि हिंदी को बढावा देने के लिए विश्व विद्यालय हर तरह के प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि एमएससी और पीएचडी के शोध निबंध और प्रबंध में एक पेज हिंदी का सारांश देने पर एकेडमिक काउंसिल में विचार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद करते वक्त हमे भावों की प्रवीणता पर ध्यान देना चाहिये। मेकेनिकल अनुवाद से अर्थ का अनर्थ हो सकता है जिसके लिए हमें सतर्क रहना चाहिये। कुलपति डा श्रीवास्तव ने आपनी कविता की कुछ कविता सुनाते हुये कहा कि हिंदी पखवाड़ा और पितृपक्ष लगभग आस पास ही हो होता है। हमें हिंदी की सेवा सालों भर करनी चाहिए। ऐसा नहीं कि सिर्फ पितृपक्ष में हिंदी को याद कर लिया। उन्होंने कहा की विश्वविद्यालय के वेबसाईट को भी हिंदी में लाने का प्रयास किया जायेगा।
कार्यक्रम की शुरुआत में निदेशक शिक्षा डा एम एन झा ने कुलपति एवं अन्य अतिथियों का स्वागत किया और कहा कि विश्वविद्यालय में हिंदी के कामकाज को बढावा देना चाहिये। इसके बाद विश्वविद्यालय के राजभाषा अधिकारी डा शंकर झा ने हिंदी के कामकाज को लेकर वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। डा शंकर झा ने कहा कि राजभाषा विभाग भारत सरकार की ओर से विश्वविद्यालय में हिंदी में हो रहे काम को लेकर सराहना की गयी है। कार्यक्रम में कुलसचिव डा पी पी श्रीवास्तव ने कहा कि अधिकारियों को टिप्पणी हिंदी में लिखना चाहिये। निदेशक अनुसंधान डा मिथिलेश कुमार ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम की शुरुआत में अहिंदी भाषी निदेशक डा रामप्पा ने भी हिंदी में अपने विचार रखे।कार्यक्रम का संचालन डा राजेश कुमार ने किया। कार्यक्रम के दौरान डीन बेसिक साइंस, डा सोमनाथ राय चौधरी, डीन इंजीनियरिंग डा अम्बरीष कुमार, प्रोफेसर राजकमल वर्मा, डा कुमार राज्यवर्धन समेत विभिन्न वैज्ञानिक एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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