मां सरस्वती की मूर्तियां बनाने में दमखम से जुटे हैं शिल्पकार आगामी 5 फरवरी को होगी बसंत पंचमी महुआ। नवनीत कुमार आगामी 05 फरवरी को बसंत पंचमी का त्यौहार धूमधाम से मनाया जाएगा। बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा विभिन्न जगहों पर होगी। यहां जगह-जगह शिल्पकार मां सरस्वती की आकर्षक मूर्तियां बनाने में लगे हैं। उन्हें पूजा करने वाले द्वारा मूर्तियों के लिए एडवांस भी किया गया है। यहां विभिन्न जगहों पर शिल्पकार माता सरस्वती की आकर्षक मूर्तियां मिट्टी को गूथकर बनाने में लगे थे। महुआ बाजार में माता सरस्वती की मूर्तियां बना रहे शिल्पकार बांकेलाल बिहारी ने बताया कि पूजा करने वालों द्वारा मूर्तियों का एडवांस पहले से किया गया है। लोगों की मांग पर वह मूर्तियां बना रहे हैं। जिनके द्वारा जैसी मूर्तियों की मांग की गई है वैसे मूर्तियां बना रहे हैं। इस बार लोग बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा विधि विधान से करेंगे। इसकी तैयारी पुरजोर तरीके से की जा रही है। खासकर शिक्षालयों में यह पूजा विधि विधान के साथ होगी। हालांकि इस बार कोरोना को लेकर स्कूल और अन्य शिक्षण संस्थान बंद होने के कारण छात्र-छात्राओं में मायूसी है। फिर भी वे माता सरस्वती की पूजा करने के लिए तैयारी में लगे हैं। इधर विभिन्न संगठनों, चौक चौराहों, देवी स्थलों और लोगों द्वारा अपने दरवाजे पर माता सरस्वती की पूजा करने की तैयारी की जा रही है। लोगों ने बताया कि कोविड नियम का पालन करते हुए वे माता सरस्वती की पूजा कर विश्व को कोरोना मुक्ति के लिए मन्नत मांगेंगे। विभिन्न जगहों पर पूजा की तैयारी पुरजोर तरीके से की जा रही है। श्रद्धालु माता सरस्वती की प्रतिमा के अलावा पूजन सामग्री की खरीदारी करने में लगे हैं। इधर गायत्री शक्तिपीठ रानीपोखर डुमरी सहित विभिन्न जगह पर माता सरस्वती की पूजा श्रद्धा पूर्वक की जाएगी।