ग्रामीणों के दबाव के कारण शिक्षक नियुक्ति पत्र मिलने के बाद भी प्रधानाध्यपक द्वारा नही कराया जा रहा योगदान/nri/
ग्रामीणों के दबाव के कारण शिक्षक नियुक्ति पत्र मिलने के बाद भी प्रधानाध्यपक द्वारा नही कराया जा रहा योगदान।
रिपोर्ट नागेन्द्र कुमार / सुधीर मालाकार।
पातेपुर ( वैशाली)प्रखण्ड के सिमरबरा राजकीय प्राथमिक विद्यालय लेमुआरी उर्दू सिमरबरा में ग्रामीणों द्वारा नियुक्ति पत्र मिलने के वावजूद भी चयनित अभ्यर्थी को ग्रामीणों द्वारा योगदान नही लेने देने का मामला प्रकाश में आया है ।प्राप्त जानकारी के अनुसार वैशाली जिले के इनायतपुर प्रबोधी निवासी सीताराम राम के पुत्र राजेश कुमार को आरक्षण के तहत एससी कोटे से सिमरबारा पंचायत सचिव राम नाथ सिंह द्वारा नियुक्ति पत्र दिया गया था।नियुक्ति पत्र लेकर अभ्यर्थी उर्दू प्राथमिक विद्यालय लेमुआरी सिमरबरा में जब योगदान करने के लिए विधालय में पहुँचे तो विद्यालय प्रधानाध्यपक इसपर कोई सहयोग नही किया ।
जबकि स्थानीय ग्रामीणों ने यह कहते हुये विद्यालय में अभ्यर्थी को योगदान करने से मना कर दिया कि इस विद्यालय में उसी शिक्षक की नियुक्ति की जाएगी, जिसके पास उर्दू शिक्षा की जानकारी होगी।ग्रामीण द्वारा विरोध के कारण चयनित शिक्षक अभ्यर्थी दर दर भटक रहा है ।नियुक्ति पत्र प्राप्त अभ्यर्थी राजेश कुमार का कहना है कि सिमरबरा पंचायत कार्यालय द्वारा उन्हें नियुक्ति पत्र मिला है और 30 दिनों के अंदर विद्यालय के प्रधानाध्यपक के समक्ष शैक्षिक प्रमाण पत्र एवम अन्य प्रमाण पत्र की स्वअभिप्रमाणित छाया प्रति जमा कर समय से योगदान करें, किन्तु मुझे ग्रामीणों द्वारा योगदान नही लेने दिया जा रहा है।स्थानीय मो मुर्तुजा,मो अंजार आदि का कहना है इसमें पूर्व में 2002 में ही शिक्षा विभाग द्वारा सिर्फ उर्दू के जानकार को नियोजन करने का आदेश प्राप्त है।वही इस संबंध में पूछे जाने पर प्रखण्ड विकास पदाधिकारी मनोज कुमार राय,एवम पंचायत सचिव राम नाथ सिंह का कहना है कि जिस अभ्यर्थी को नियुक्ति पत्र दिया गया है ,दिए गए निर्देश का पालन करना विद्यालय प्रधान को है ।निर्देश के पालन नही करने पर उनपर करवाई होगी।
