स्वतंत्रता सेनानी व महुआ के प्रथम प्रमुख की 105 वी जयंती पर लोगों ने दी श्रद्धांजलि
स्वतंत्रता सेनानी व महुआ के प्रथम प्रमुख की 105 वी जयंती पर लोगों ने दी श्रद्धांजलि
महुआ, नवनीत कुमार
1942 में अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन में महती भूमिका निभाने वाले और महुआ के प्रथम प्रमुख रहे स्व. बच्चन शर्मा उर्फ बेचन राय की 105वी जयंती रविवार को यहां श्रद्धा पूर्वक मनाई गई। लोगों ने उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और नमन किया।
भारत को आजाद कराने में अग्रणी भूमिका निभाने वाले स्व. बच्चा शर्मा के पुत्र बसंत कुमार राय के नेतृत्व और समाजसेवी सह पूर्व प्राचार्य प्रो. राजेश्वर गुप्त की अध्यक्षता में जयंती मनाई गई। इस मौके पर उपस्थित लोगों ने उन्हें माल्यार्पण कर नमन किया और उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बच्चन बाबू का जन्म राजापाकर के बैकुंठपुर में हुआ था लेकिन उन्होंने कर्मभूमि महुआ को बनाया। वे महुआ के विकास के लिए कई सारे कार्य किए। वे यहां प्रथम प्रमुख पद पर विराजमान भी हुए। लोगों ने उनके कृतित्व पर चर्चा करते हुए यह भी कहा कि देश को आजाद कराने में उन्होंने अग्रणी भूमिका निभाई।
जयप्रकाश नारायण, डा लोहिया आदि के साथ 1942 के आंदोलन में कूदे और कई बार जेल गए। अंग्रेजों की यात्राएं सहकर राष्ट्रभक्ति उनमें कम नहीं हुई और वे देश के लिए लड़ते रहे। मौके पर उपस्थित सुमन कुमार, प्रभु प्रसाद यादव, अरुण कुमार सिंह, रंजीत कुमार, अरुण जायसवाल, महताब राय, शिवनंदन राय, पुनीत सिंह, सुखनंदन सिंह, राम रतन प्रसाद सिंह, प्रो अरुण कुमार, सुमित सहगल, प्रेम चौधरी, अशोक जायसवाल, सत्येंद्र कुमार, शंभू सुमन, गौरीशंकर सिंह, गजेंद्र सिंह, मृत्युंजय सिंह आदि ने माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उनकी व्यक्तित्व पर चर्चा की। मालूम हो कि महुआ बाजार में स्वतंत्रा सेनानी बच्चन बाबू की आदम कद प्रतिमा लगी है और वह स्थल बच्चन शर्मा चौक के नाम से जाना जाता है।
