महुआ नगर परिषद बाजार में कूड़े कचरे के अंबार से हो रही थी परेशानी, बकाया मजदूरी मांग को लेकर एक सप्ताह से हड़ताल पर थे सफाई कर्मी
महुआ नगर परिषद बाजार में कूड़े कचरे के अंबार से हो रही थी परेशानी, बकाया मजदूरी मांग को लेकर एक सप्ताह से हड़ताल पर थे सफाई कर्मी
महुआ, एक संवाददाता। सफाई कर्मियों को काम पर लौटने से महुआ बाजार में लगे कूड़े कचरे का अंबार से लोगों को मुक्ति मिली है। गुरुवार को बाजार में जगह-जगह पसरे गंदगी और कूड़े कचरे की अंबार को हटाया गया। यहां बीते एक सप्ताह से सफाई कर्मी बकाया मजदूरी मांग को लेकर हड़ताल पर चल रहे थे।
सफाई कर्मियों को हड़ताल पर चले जाने के कारण महुआ नगर परिषद बद से बदतर स्थिति हो गई थी। यहां जगह-जगह कूड़े कचरे के अंबार लगे थे। बाजार का हृदय स्थली कहा जाने वाला गांधी स्मारक पर तो लोग रूक नहीं पाते थे। यहां कचरे की सरांध से लोगों को नाक मुंह पर कपड़े रखकर चलना पड़ता था। वही पातेपुर रोड मोड़ पर तो कचरे की अंबार से पहाड़ सा बन गई थी। यहां पर कचरे से उठ रही बदबू लोगों को जीना हराम कर रखा था। इसके अलावा जगह-जगह कचरे का अंबार की सरांध से लोग परेशान चल रहे थे। बाजार से गुजरने वाले राहगीरों को भारी परेशानी हो रही थी और वे यहां नगर परिषद को कोस रहे थे। सफाई कर्मियों का कहना था कि उनका पिछले जनवरी माह का बकाया राशि मजदूरी का भुगतान नहीं हो पाया है। वे लोग मजदूर हैं और कमाई से ही घर परिवार चलता है। जबकि एक महीने की मजदूरी उन्हें नहीं मिल पाई है। इससे वे हड़ताल पर चले गए थे। उनके हड़ताल पर चले जाने कारण महुआ नगर परिषद बाजार गंदगी के ढेर पर बैठा था। हालांकि सफाई कर्मियों को काम पर लौटने और बाजार की साफ सफाई किए जाने से लोगों को राहत मिली है। इस महुआ में गंदगी पर चढ़ने और सफाई कर्मियों को हड़ताल पर जाने के कारण लोगों को कचरे पर रहना पड़ रहा था. खबर के साथ यहां नगर परिषद द्वारा सफाई कर्मियों से वार्ता कर बाजार की साफ सफाई कराई गई। यहां अक्षय तृतीया, ईद और परशुराम जयंती कचरे के ढेर पर ही नगर वासियों को मनाना मजबूरी बना था।
