सूबे के मुखिया मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पाल रखा है भ्रष्ट कर्मचारियों को इस लिए स्वास्थ्य विभाग है लाचार।
सूबे के मुखिया मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पाल रखा है भ्रष्ट कर्मचारियों को इस लिए स्वास्थ्य विभाग है लाचार।
नीतीश सरकार में भ्रष्ट कर्मचारियों का बोलबाला ही बोलबाला।
गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल के हेड क्लेर्क लाल बाबू सोनी पर राज्य सरकार करवाई करने से क्यों कटरा रही है। कही ऐसा तो नही की लाल बाबू सोनी का पहुँच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक हो इस लिए अब तक नही किया गया करवाई।
सनोवर खान ब्यूरो रिपोर्ट पटना
पटना सिटी:इसलिए स्वास्थ्य विभाग अब तक चुप्पी साध कर बैठे हैं। बिहार राज्य नीतीश सरकार में होता है पैसों का खेला।
गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल के हेड क्लेर्क लाल बाबू सोनी जैसे भ्रष्ट कर्मचारी को राज्य सरकार के द्वारा आर्थिक अपराध इकाई से संपत्ति की जांच करानी चाहिए जो की पांच से सात सालों से एक ही जगह पर अब तक क्यों जमे बैठे हैं। आखिर इसका कारण क्या है कहीं ना कही नीचे से लेकर ऊपर तक तो पैसे का खेला तो नहीं या फिर लालबाबू सोनी के द्वारा आला अधिकारी तक नजराना तो पेश नही किया जाता होगा।
गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल के हेड क्लेर्क लाल बाबू सोनी जो कि सूत्रों के अनुसार पांच से सात सालों से जमे हुए है। और कर रहे है अपना मनमाना कार्य।फिर भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक करवाई क्यों नही।
काफी दिनों से एक जगह पर जमे रहने के कारण बना लिए है अपना दबदबा। दबदबा बनाने के कारण से लोगो को देते है देख लेने की धमकी। और करते है अपना मनमाना कार्य। ससमय कार्यालय नही आना तथा अपना मनमाना कार्य को पूरा करना इनका पुराना आदत सी हो गई है। राज्य सरकार का नजर इनलोगो पर अब तक क्यों नही। बिहार राज्य सरकार के अंतर्गत कर्मियों का तबादला कितने महीनों,कितने सालों,में किया जाता है।
