ज्येष्ठ पूर्णिमा पर सुहागिनों ने की बट वृक्ष की पूजा अर्चना
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर सुहागिनों ने की बट वृक्ष की पूजा अर्चना
महुआ, नवनीत कुमार
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर मंगलवार को सुहागिनों ने निर्जला उपवास रख वट वृक्ष की पूजा की। उन्होंने विभिन्न देवा स्थलों पर जाकर वटवृक्ष के 108 फेरे लगाएं और सदा सुहागन रहने की कामना के साथ विश्व कल्याण के लिए मन्नत मांगी। महुआ के विभिन्न जगहों पर सुहागिनों की भीड़ पूजन के लिए जुटी जिससे भक्ति का माहौल कायम हो गया।
यहां पुराना बाजार के महावीर मंदिर, नीमतला चौक के अलावा कालीघाट, अनुमंडल कार्यालय द्वार पर सुहागिनों की भीड़ जुटी और वटवृक्ष के 108 फेरे लगाकर पति को दीर्घायु होने की कामना के साथ सदा सुहागन रहने और विश्व कल्याण की मन्नत मांगी। पूजा कर रही नूतन, नीतू, प्रिया, चांदनी, अंजलि, रेणु सिंह, पूजा कुमारी, दिव्या, प्रियंका, संगीता, अलका, रागिनी, स्वाति, बिंदु, कामिनी, संजू, वंदना, रेखा, रिंकू आदि ने बताया कि ज्येष्ठ महीना के अमावस्या और पूर्णिमा को वट वृक्ष की पूजा करने से महिलाएं सदा सुहागन रहती है। इस दिन पंडितों से सावित्री सत्यवान और शिव पार्वती की कथा सुनी जाती है। उन्होंने बताया कि भगवान शिव पार्वती प्रेम के प्रतीक है। सावित्री ने इसी महीने अपने मृत पति सत्यवान की जिंदगी प्राप्त की थी। इन दिन सुहागिने वट वृक्ष को धागे से लपेटती है। सुहागिनी इस दिन अपने पति को भी पूजा करती है। भारतीय संस्कृति में पति महिलाओं के लिए परमेश्वर तुल्य होता है। इधर विभिन्न जगहों पर वटवृक्ष के पास महिलाओं की भीड़ फेरे लगाने के लिए उमड़ पड़ी।
