महुआ के रानीपोखर पहुंचे वैज्ञानिक और सामाजिक कार्यकर्ता
महुआ के रानीपोखर पहुंचे वैज्ञानिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मलबरी प्रसार सह रेशम प्रशिक्षण केंद्र को देखा
बंगाल से आए रेशम वैज्ञानिकों ने चार दिवसीय यात्रा का किया समापन
महुआ, नवनीत कुमार
महुआ ही नहीं बल्कि जिले का इकलौता मलबड़ी प्रसार सह रेशम प्रशिक्षण केंद्र रानीपोखर का वैज्ञानिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बुधवार को भ्रमण किया। इस भ्रमण के दौरान उन्होंने यहां रेशम से संबंधित विभिन्न जानकारियां हासिल की। उन्होंने केंद्र पर उपस्थित पदाधिकारियों और कर्मचारियों से विभिन्न विषयों पर बात भी की। इसी के साथ बंगाल से आए रेशम वैज्ञानिकों ने यहां चार दिवसीय ग्रामीण यात्रा का समापन किया।
बंगाल के मुर्शिदाबाद बहरामपुर से पहुंचे रेशम वैज्ञानिक कृष्णा घोष तथा शिव नारायण मंडल ने बताया कि महुआ ही वैशाली जिले का एकलौता रानीपोखर का मलवरी प्रसाद सह रेशम प्रशिक्षण केंद्र किसानों और बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान करेगा। जबकि यह मृतप्राय जैसा हो गया है। इसे ठीक करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यहां की मिट्टी शहतूत के पौधे उत्पादन के लिए उपयुक्त है। जहां शहतूत के पौधे होंगे वहां रेशम के कीड़े का पालन होगा और रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि यहां एक बीघे में रेशम से संबंधित शहतूत लगाकर कीरे का पालन किया जाए तो एक वर्ष में एक लाख शुद्ध मुनाफा होगा। साथ में पहुंचे जागृति कला केंद्र के सचिव डॉ अभयनाथ सिंह व सत्यमेव जयते फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ रूपक कुमार ने केंद्र की स्थिति को देखकर दुखी हुए। उन्होंने कहा कि यहां सरकार को विशेष तौर पर ध्यान देना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यहां 7 कर्मचारी प्रशिक्षण केंद्र में कार्यरत हैं लेकिन स्थिति बहुत ही खराब है। उन्होंने कहा कि अगर इस केंद्र को जीवित किया जाए तो सैकरो युवाओं को यहां प्रशिक्षण मिलेगा और बेरोजगारी दूर होगी। उन्होंने इस समय बता दे बताया कि पश्चिम बंगाल से पहुंचे रेशम वैज्ञानिकों का चार दिवसीय भ्रमण यहां मलबाड़ी प्रसार रेशम प्रशिक्षण केंद्र रानीपोखर पर घूमने के बाद समाप्त हो गया। उन्होंने कहा कि उद्योग निदेशालय को इस प्रशिक्षण केंद्र पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस केंद्र को चालू करने से रेशम उत्पादन के क्षेत्र में हम आत्मनिर्भर बन सकते हैं। यहां इस मौके पर केंद्र प्रभारी जफर हसन आदि मौजूद थे।
