स्वरांजलि संस्था की ओर से पार्श्व गायक मुकेश चंद्र माथुर का जयन्ती मनाया गया।
स्वरांजलि संस्था की ओर से पार्श्व गायक मुकेश चंद्र माथुर का जयन्ती मनाया गया।
सनोवर खान के साथ मो0 मोख्तार की रिपोर्ट
पटना सिटी। पार्श्व गायक मुकेश चंद्र माथुर संगीत और साहित्य के अनूठे संगम थे : शिक्षाविद दूधेश्वर प्रसाद गुप्ता
दो सदी के वैश्विक गायक थे मुकेश : जितेंद्र कुमार पाल
स्वर सम्राट मुकेश साहेब ने न केवल सिने जगत को अपनी
मधुर आवाज दी वल्कि हिंदी साहित्य के विस्तार में अपनी
अविस्मरणीय भूमिका निभाई।तुलसी के महाकाव्य रामचरित मानस को मुकेश साहेब ने गाकर जन जन तक पहुंचाया और साहित्य का विस्तार वैश्विक स्तर पर किया। उनके शब्द सम्प्रेषण सीधे दिल पर दस्तक देते हैं।
वास्तव में मुकेश संगीत और साहित्य के संगम थे। ये बातें आज स्वरांजलि द्वारा आयोजित मुकेश साहेब के जन्मदिन पर कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए शिक्षाविद दूधेश्वर प्रसाद गुप्ता ने कही। कार्यक्रम सरस्वती डिजिटल स्टूडियो , पटना सिटी में हुआ।मुख्य अतिथि जितेंद्र कुमार पाल ने मुकेश साहेब को दो सदी का वैश्विक गायक बताया।संगीतकार पप्पू गुप्ता ने कहा मुकेश साहेब रोजगार परक गायक थे , उनके गीत गाकर लाखों कलाकार जीवन यापन कर रहे हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम का आगाज़ गायक अनिल रश्मि ने किया।
** तौबा ये मतवाली चाल गाकर जन्मदिन को ताज़ा किया।
** संजय कुमार ने मेरा जूता है जापानी ….
** साहिल कुमार मेहता ने कोइ जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे गाकर महफ़िल को यादगार बना दिया ।
मंच संचालन नेक आलम ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन शंकर किस्कु ने किया ।मौके पर सौरभ कुमार, सूर्य प्रताप, राजा पुट्ट , नीतिन कुमार वर्मा , सुनीता रानी , स्वर रश्मि
मौजूद थीं ।
