April 18, 2026

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कंटेनमेंट जोन में शत प्रतिशत टेस्टिंग का कार्य करना सुनिश्चित करें: जिलाधिकारी

कंटेनमेंट जोन में शत प्रतिशत टेस्टिंग का कार्य करना सुनिश्चित करें: जिलाधिकारी


– कंटेनमेंट जोन को लेकर किसी भी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी
-711 कंटेनमेंट जोन हैं एक्टिव

मुजफ्फरपुर। 24 अप्रैल

जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर प्रणव कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में कोरोना के बढ़ते संक्रमण और उस पर प्रभावी नियंत्रण के मद्देनजर विभिन्न कोषांगों के वरीय पदाधिकारियों एवं नोडल अधिकारियों के साथ शनिवार को बैठक की गई।
बैठक में कोविड सैंपल एवं जांच कोषांग,कोविड मरीज प्रबंधन कोषांग, कोविड-19 उपचार केंद्र एवं प्रबंधन कोषांग, संसाधन प्रबंधन कोषांग, एंबुलेंस एवं मरचुरी वाहन कोषांग, नियंत्रण कक्ष/टेलीमेडिसिन कोषांग, कंटेनमेंट जोन कोषांग की बारी-बारी से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने सभी वरीय एवं नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने कोषांगों से संबंधित कार्यों का निष्पादन पूरी गंभीरता और समर्पण के साथ करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर कोषांगों के कार्यों की गति में वृद्धि अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में लापरवाही और कोताही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि कंटेनमेंट जोन में 100% टेस्टिंग का कार्य करना सुनिश्चित करें। कंटेनमेंट जोन को लेकर किसी भी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी

कंटेनमेंट जोन के संबंध में केयर के जिला प्रतिनिधि सौरभ तिवारी ने बताया कि जिले में अभी तक कुल 1410 जोन बनाए गए जिसमें फिलहाल 711 कंटेनमेंट जोन एक्टिव है। जिसमें से 411 ग्रामीण और 300 शहरी क्षेत्र में एक्टिव है। वही 328 ग्रामीण एवं 371 शहरी क्षेत्र यानी 699 कंटेनमेंट जोन को डीनोटिफाइड किया है ।
कोविड सैम्पल एवं जांच कोषांग के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि आरटीपीसीआर जांच के रिपोर्ट में 4 से 5 दिन लग जाना कार्य में शिथिलता का घोतक है। उन्होंने सख्त निर्देश दिया कि आरटीपीसीआर जांच के रिपोर्ट में किसी भी सूरत में विलंब ना हो।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पॉजिटिव पाए गए सभी मरीजों का जिला नियंत्रण कक्ष एवं टेलीमेडिसिन कोषांग के द्वारा सौ परसेंट फॉलोअप किया जाए। साथ ही प्रत्येक पीएचसी के द्वारा भी कोविड पॉजिटिव मरीजों का नियमित फॉलोअप करना सुनिश्चित करें। आशा के द्वारा भी मरीजो का फॉलोअप कराना सुनिश्चित किया जाय। पॉजिटिव पाए गए मरीजों को मेडिसिन कीट की उपलब्धता में किसी भी तरह की कोताही न बरती जाए।

निजी अस्पतालों पर निगरानी रखने का भी निर्देश दिया गया। निजी अस्पतालों में उपचारित मरीजों की संख्या, मृतकों की संख्या डिसचार्ज मरीजों की संख्या , मृतकों की संख्या, कोविड प्रोटोकॉल के अनुरूप इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित हो, इत्यादि बिंदुओं के आलोक में सतत निगरानी की बात कही।

बैठक में ग्लोकल अस्पताल के अद्धतन स्थिति के संबंध मे डॉ सी के दास के द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत रोगियों का इलाज चल रहा है।उनके लिए खाना और और पानी की मुकम्मल व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने बताया कि आवश्यक दवाओं एवं उपकरणों की उपलब्धता संतोषजनक है। बताया कि अल्पसंख्यक छात्रावास में तैयारी अंतिम चरण में है। बताया गया है कि वहां फिलहाल 100 बेड की व्यवस्था की जा रही है जिसे आगे आने वाले दिनों में 200 तक बढ़ाया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने बैठक में सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि कोविड ओपीडी सेवा शीघ्र शुरू की जाए।
बैठक में उप विकास आयुक्त डॉ सुनील कुमार झा,सहायक समाहर्ता श्रेष्ठ अनुपम, अपर समाहर्ता अशोक कुमार सिंह, अपर समाहर्ता राजस्व राजेश कुमार, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन डॉ अजय कुमार ,सिविल सर्जन डॉ एसके चौधरी सहित सभी कोषांगों के वरीय पदाधिकारी एवं नोडल अधिकारी उपस्थित थे ।

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