जाम के बीच कड़ी धूप में परेशान होते रहे लोग
जाम के बीच कड़ी धूप में परेशान होते रहे लोग
छठ के प्रसाद पहुंचाने वालों से लेकर आने जाने वालों की हुई भीड़ से बढी परेशानी, जाम में घंटों फंसी रही छोटे-छोटे बच्चों से भरी स्कूली गाड़ियां
महुआ, नवनीत कुमार
छठ के प्रसाद पहुंचाने वालों के अलावे आने जाने वालों की उमड़ी भीड़ के कारण महुआ बाजार मंगलवार को जाम से थर्रा उठा। जाम ऐसी की जो लोग इसमें फस गए, वह ना तो आगे बढ़ पा रहे थे और ना ही पीछे। इसी में एक तो कड़ाके की धूप उन्हें जला रही थी। जाम में छोटे-छोटे बच्चों से भरी कई स्कूली गाड़ियां भी फंसी थी। जिसमें बच्चे प्यास से बिलबिला रहे थे।
जाम का कारण छठ महापर्व के प्रसाद पहुंचाने वालों की भीड़ के अलावे पर पर घर आए परदेसियों को वापस लौटने की भीड़ बनी। बताया गया कि महापर्व के पारण पर सोमवार को कम लोगों ने प्रसाद लेकर अपने सगे संबंधियों इष्ट मित्रों के यहां पहुंचे थे। जबकि मंगलवार को उनकी भीड़ अधिक हो गई। इसी में बाहर से पर्व पर आए परदेसियों को वापस जाना भी शुरू हो गया। इस कारण जाम इतनी हो गई कि महुआ बाजार उसे संभाल पाने में अपने पांव पीछे कर लिया। जिस कारण भीषण जाम की स्थिति बन गई। यहां बाजार का केंद्र स्थल गांधी चौक से लेकर गोला रोड, पातेपुर रोड, मुजफ्फरपुर रोड, समस्तीपुर रोड, हाजीपुर रोड, देसरी रोड, मंगरू चौक, जवाहर चौक सहित पूरा महुआ बाजार जाम से कराह उठा। यहां तक की थाना चौक पर भीषण जाम होने से लोगों को काफी परेशानी आई। गांधी चौक पर ट्रैफिक के जवान और थाना चौक पर दो चौकीदार जाम को छुड़ाने में लगे थे। लेकिन उनसे इस पर काबू पाना मुश्किल हो रहा था। जाम में फंसे बाइक वाले हर रास्ते को तलाश रहे थे। जिससे वे किसी तरह निकल जाए। इसी उधेड़बुन में जाम और गहरा गया।
सबसे बड़ी बात तो यह थी कि महापर्व समापन के कारण महुआ बाजार की आधी दुकानें खुली थी। अन्यथा भीड़ और जाम बड़ा रूप ले लेता। मंगलवार होने कारण स्वर्ण आभूषण के सारे दुकान बंद थे। साथ ही होटल, चाय नाश्ता की दुकान और खासकर स्टॉप के सहारे चलने वाले सारे दुकान बंद थे। इस भीड़ में खरीदार नहीं बल्कि सिर्फ राहगीर थे। लोगों ने बताया कि जाम महुआ का पर्याय बन कर रह गया है।
