देवोत्थान पर तुलसी विवाह का हुआ आयोजन
देवोत्थान पर तुलसी विवाह का हुआ आयोजन
24 घंटे के लिए शुरू हुए अखंड जाप समाप्त होते ही जयकारों से गूंजा बखरी गांव, अष्टयाम यज्ञ समापन पर विवाह कीर्तन का हुआ आयोजन
महुआ, नवनीत कुमार
महुआ का लक्ष्मीपुर बखरी गांव में शुक्रवार को देवोत्थान पर तुलसी विवाह कार्यक्रम हुआ वही। 24 घंटे का अखंड अष्टयाम यज्ञ समापन पर भगवान की भव्य झांकी निकाली गई। झांकी नगर भ्रमण कर पुनः यज्ञ स्थल पहुंचा जहां देवी देवताओं के जयघोष से इलाका गूंज उठा।
यहां 24 घंटे का अष्टयाम यज्ञ में श्रीराम जय राम जय-जय राम का अखंड जाप किया गया। इसमें महिला श्रद्धालु भी बढ चढकर भाग लिया। यज्ञ में बच्चों ने ही भी रामायण पाठ किया। यहां अष्टयाम यज्ञ को लेकर भक्ति में लोग सरावोर रहे। आचार्य चंदन झा, यजमान रमेश झा और दुर्गा देवी ने बताया कि समाज और राष्ट्र कल्याण को लेकर यह यज्ञ किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि बीते 9 वर्षों से प्रत्येक साल देवोत्थान पर अष्पयाम यज्ञ का आयोजन किया जाता है। यज्ञ में यहां मीरा देवी, लक्ष्मी कुमारी, अभय झा, साहिल कुमार, बाल्मीकि सिंह, राजू सिंह, कपिल राय आदि का सक्रिय सहयोग रहा। पुरुषोत्तम कुमार उर्फ चुनचुन द्वारा यहां भंडारा का आयोजन किया गया। जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण किए। आचार्य और संकीर्तन मंडली द्वारा एवं रामायण पाठ के साथ अखंड रामनाम जाप किया गया। यज्ञ को लेकर यहां लोगों में भक्ति, सद्भावना, अपनत्व, भाईचारा, प्रेम कायम रहा। रात को विवाह कीर्तन में राम प्रसंग का श्रद्धालु आनंद लिए। यहां बच्चों में भी भक्ति भावना देखी गई। यज्ञ समापन पर यहां तुलसी विवाह कार्यक्रम भी हुआ। विधि विधान के साथ तुलसी विवाह संपन्न कराया गया। पंडित द्वारा यहां तुलसी विवाह के साथ भगवान विष्णु का कथा सुनाया गया बताया गया। भगवान विष्णु चातुर्मास से निवृत्त होकर जागे हैं और इसी के साथ मांगलिक और अन्य सारे शुभ कार्य में 4 महीने से लगे विराम में पंख लग गए। इधर देवोत्थान के साथी शुभ शहनाई के गूंज भी सुनाई देने लगी है। देवोत्थान पर काफी संख्या में महुआ से श्रद्धालु हाजीपुर में नारायणी स्नान भी किए।
