महिला वोटरों ने पहले मतदान फिर जलपान का नारा को किया सच
महिला वोटरों ने पहले मतदान फिर जलपान का नारा को किया सच
कड़ाके की ठंड में भी चादर कंबल ओढ़ कर बूथों पर पहुंचे मतदाता
महुआ, नवनीत कुमार
महुआ में रविवार को नगर परिषद चुनाव को लेकर वोटरों में उत्साह रहा। यहां खासकर आधी आबादी महिला वोटरों में तो चुनाव को लेकर उमंग और उत्साह सिर चढ़कर बोला। यहां वोटरों ने पहले मतदान फिर जलपान का नारा को सर्च किया।
वे अहले सुबह से मतदान केंद्र पर चादर, कंबल आदि गर्म कपड़े ओढे पहुंच गए और पंक्ति लगाकर वोट मतदान प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार करने लगे। मतदाताओं में उत्साह देख मतदान कर्मी भी अपनी दुकान को समय पर खोलकर और वोटिंग प्रक्रिया शुरू कर दी। नगर परिषद में सभापति, उपसभापति और वार्ड सदस्य का चुनाव एक साथ होने के कारण वोटरों को 3 इबीएम होने से थोड़ी परेशानी हो रही थी। जिसके कारण मतदान का प्रतिशत पहले तो कम रहा। हालांकि बाद में वोटिंग का प्रतिशत बढ़ते गया।
चलो मतदान करें कर दिया नारा:-
स्थानीय चुनाव होने के कारण वोटरों ने चलो मतदान करें का नारा दिया और वे बूथ की ओर निकल पड़े। ऐसे तो उम्मीदवारों में बेचैनी रही। वह हर घर पर जाकर वोटरों को घर से निकाला और मतदान केंद्र पर भेजने को प्रेरित किया। लंबी कतार होने के बावजूद वोटर बूथ पर डटे रहे और वे अपना मत डाल कर ही घर को गए। उन्हें मताधिकार का प्रयोग करने के लिए भूख भी आड़े नहीं आया। एक सुबह बगैर खाना पानी लिए मतदान केंद्र पर पहुंचे वोटर दोपहर को घर को लौटे। फिर भी उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं देखा गया।
रोती रही मुनिया मम्मी गई बोट गिराने:-
महुआ में नगर परिषद चुनाव का ऐसा उत्साह कि घर में नन्हीं गुड़िया मुनिया रोती रही और मम्मी वोट गिराने के लिए बूथ पर चली गई। कुछ महिलाएं तो गोद में बच्चे लिए भी मतदान केंद्र पर पहुंच गए और अपना मताधिकार का प्रयोग किया। इधर घर में वृद्ध अकेले पड़े बच्ची मुनिया को संभाल रहे थे लेकिन वह रोती जा रही थी। उन्हें भी वोट गिराने की ललक था। इसी बीच उम्मीदवार के समर्थक उनके घर आए और उन्हें उठाकर मतदान केंद्र पर ले गए। इधर घर में अकेली पड़ गई मुनिया रो रोकर चुप हो गई और मम्मी को आने की राह देखने लगी।
बजती रही मोबाइल की घंटी और दौड़ते रहा प्रशासन:-
पदाधिकारियों कि मोबाइल पर लगातार कालिंग आती रही। इस बीच पदाधिकारी का काफिला धूल उड़ाते केंद्रों पर पहुंचती रही। हालांकि यहां चुनाव को लेकर चाक-चौबंद व्यवस्था की गई थी। परिंदा भी पर नहीं मार सके इसके लिए प्रशासन द्वारा पूरी व्यवस्था भी किया गया था।
