एआईकेकेएमएस के बैनर तले किसानों ने निकाली रैली और किया प्रदर्शन/रिपोर्ट नवनीत कुमार
एआईकेकेएमएस के बैनर तले किसानों ने निकाली रैली और किया प्रदर्शन
प्रदर्शन के बाद मांगों का ज्ञापन अनुमंडल कार्यालय को सौंपा
महुआ, नवनीत कुमार
किसानों की विभिन्न समस्याओं को दूर करने की मांग को लेकर ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन का प्रदर्शन सोमवार को यहां अनुमंडल कार्यालय पर हुआ। उन्होंने किसानों को कृषि क्षेत्र में हो रही विभिन्न समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।इसके पूर्व संगठन के द्वारा आक्रोशात्मक रैली निकाली गई।
यह रैली महुआ पातेपुर रोड स्थित फूदेनी चौक से निकलकर गांधी चौक पीएचसी द्वार से होते हुए अनुमंडल कार्यालय पहुंची। जहां उनका जोरदार प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शन और रैली का नेतृत्व करते हुए संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष ललित कुमार घोष ने कहा कि किसान समस्याओं से त्रस्त हैं लेकिन उनका सुध लेने वाला कोई नहीं है। उन्होंने घोड़परास समस्या को उठाते हुए कहा कि किसान पूंजी लगाकर खेती करते हैं। जबकि उसे नीलगाय चट कर जाते हैं। जिसके कारण उनके सामने फाकाकसी की समस्या उत्पन्न हो रही है। इस समय किसान यूरिया के लिए मारे मारे फिर रहे हैं। वही सरकार द्वारा इसकी आपूर्ति नहीं की जा रही है। इस समय यूरिया की जोरदार तरीके से किल्लत बता कालाबाजारी चल रही है। विभिन्न मांगों को लेकर उन्होंने सरकार और पदाधिकारियों को कटघरे में खड़ा किया। उनके प्रदर्शन को लेकर यहां आपाधापी की स्थिति बनी रही। संगठन के सदस्य राम पुकार राय की अध्यक्षता में चली प्रदर्शन को किसान नेता प्रमोद राय, जगनारायण राय, राजेश कुमार रोशन, सुरेश राय, रामनाथ राय, शशि भूषण कुमार, शोभित शर्मा, अनिल कुमार राय, वीर बहादुर सिंह, अजय राय, सुरेंद्र राय, दिनेश राय आदि ने भी संबोधित किया। धरना प्रदर्शन के बाद उन्होंने मांगों का ज्ञापन अनुमंडल कार्यालय में पदाधिकारी को सौंपा।
किसान संगठन की मांग:
– वैशाली जिले को घोड़परासों से मुक्ति दिलाना और अधिक से अधिक उनकी खात्मा करना
– यूरिया की कालाबाजारी पर रोक लगाते हुए जरूरतमंद किसानों को निर्धारित दर पर इसे उपलब्ध कराने की गारंटी और नैनों की वाध्यता खत्म करना
– घोड़परासों से हो रहे कृषि क्षति और सड़क दुर्घटना में जीवन क्षति का मुआवजा सुनिश्चित करना
– पैक्स सदस्य बनाने में पैक्स अध्यक्षों की अनुशंसा की बाध्यता समाप्त करना
– धान क्रय में बिचौलियों का हस्तक्षेप बंद करना और नगदी धान की खरीदारी की गारंटी देना
– सिंचाई के लिए बिजली की मुफ्त व्यवस्था और आवेदकों को अभिलंब विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना
– सभी पंचायतों में कृषि सलाहकारों को प्रत्येक सप्ताह किसानों के बीच बैठक कराना
– किसानों को ससमय खाद बीज मुहैया कराने की गारंटी और जब जो खाद की जरूरत उसे उपलब्ध कराना.
