मुख्यमंत्री के समाधान यात्रा से पहले हो गई समस्याओं का समाधान
मुख्यमंत्री के समाधान यात्रा से पहले हो गई समस्याओं का समाधान
रिपोर्ट सुधीर मालाकार
हाजीपुर (वैशाली) वाह मुख्यमंत्री जी ,वाह !आपकी करिश्मा बड़ा चमत्कारपूर्ण है ।आपके आने की खबर से सारा आलम चकाचक हो गया। आपके पदाधिकारी क्या खूब कलाकार हैं? रात-दिन एक करके रोड, रास्ते, नाले, स्कूल ,शौचालय, आंगनबाड़ी पंचायत सरकार भवन सबको चकाचक बनाकर कर दिया ।यह हुई न समाधान यात्रा का मतलब । आपके समाधान यात्रा शुरू होने से पहले ही समस्याओं का समाधान हो गया ,यह क्या कुछ कम हुआ? फिर भी आपके जनप्रतिनिधि और पदाधिकारियों के प्रति लोगों में कार्य करने के तरीके पर सवालिया निशान ,जिसका सामना आपको जनता दरबार से लेकर समाधान यात्रा तक करना ही पड़ा । जनता की समस्या को लेकर आप के पदाधिकारी कितने तत्पर है ,यह समाधान यात्रा में देखेंगे । जो सड़कें गड्ढों में तब्दील थी , उस पर न जनप्रतिनिधि और न ही पदाधिकारियों की नजर थी, जिसे रातो रात पक्की सड़क में तब्दील कर चकाचक कर दी गई। जिस विद्यालय के शौचालय खंडहरनुमा बन चुके थे, वहां भी टाइल्स बिठा दिया गया है। अब आप इसका निरीक्षण क्या करेंगे, निरीक्षण से पहले ही जिस की सूरत बदल दी गई। उसे आप क्या समझेंगे ।वाकई में अगर निक्षण की अपेक्षा रखते हैं तो निरीक्षण स्थल के अगल-बगल के पंचायतों का एक बार दौड़ा कर के देख लीजिए ,जमीनी हकीकत आपके सामने आ जाएगी। खैर !आपके समाधान यात्रा से राज्य के कुछ पंचायतों की सूरत तो निश्चित तौर पर बदलेगी ।यही यात्रा आप अपने कार्यकाल के प्रत्येक सप्ताह में किया होता ,तो शायद बिहार के हजारों पंचायतों की कायाकल्प हो गई होती।
