कादिलपुर में हर्षोल्लास से मनाई गई संत शिरोमणि रविदास जयंती
कादिलपुर में हर्षोल्लास से मनाई गई संत शिरोमणि रविदास जयंती
महुआ से मोहन कुमार की रिपोर्ट
महुआ प्रखंड के गौसपुर चकमजाहिद पंचायत के कादिलपुर में पूर्व वार्ड सदस्य विप्त राम के दरवाजे पर संत शिरोमणि रविदास जी की 646 वीं जयंती बड़े धूमधाम से मनाई गई । इस दौरान पूर्व मुखिया अजय भूषण दिवाकर ने कहा कि संत रविदास बहुत ही दयालु और दानवीर थे। संत रविदास ने अपने दोहों व पदों के माध्यम से समाज में जातिगत भेदभाव को दूर कर सामाजिक एकता पर बल दिया और मानवतावादी मूल्यों की नींव रखी। आगे कहा कि संत रविदास ने सीधे-सीधे लिखा कि ‘रैदास जन्म के कारने होत न कोई नीच, नर कूं नीच कर डारि है, ओछे करम की नीच’ यानी कोई भी व्यक्ति सिर्फ अपने कर्म से नीच होता है। जो व्यक्ति गलत काम करता है वो नीच होता है। कोई भी व्यक्ति जन्म के हिसाब से कभी नीच नहीं होता। संत रविदास ने अपनी कविताओं में ब्रजभाषा का प्रयोग किया है। साथ ही इसमें अवधी, राजस्थानी, खड़ी बोली और रेख्ता यानी उर्दू-फारसी के शब्दों का भी मिश्रण है। नाथबाबा के पुजारी सह भाजपा नेता उमेश कुमार ने कहा कि देश एवं समाज को सशक्त बनाने के लिए हम सभी को संतों के बताए रास्ते पर चलना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि रविदास के आदर्श सूत्रों पर चलकर ही समाज में फैली कुरीतियों को दूर किया जा सकता है। उन्होंने देश के विकास एवं समाज के उत्थान को समाज में भाईचारा एवं संतों के आदर्शों को स्थापित करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। इस मौके पर पूर्व वार्ड सदस्य विप्त राम, भाजपा नेता उमेश कुमार, पूर्व मुखिया अजय भूषण दिवाकर, शंकर राम, प्रदीप राम, चन्द्रीप राम, प्रोफेसर लक्ष्मण राम, राजेन्द्र राम, विक्की कुमार, बुंदेल कुमार आदि मौजूद लोगों ने संत रविदास जी की तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।
