March 11, 2026

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कलश स्थापना के साथ ही हिन्दू नव वर्ष विक्रम संवत् २०८० की हो जाएगी शुरुआत

धर्मशास्त्रों के अनुसार 22/03/2023 से प्रारंभ हो रही है चैत नवरात्री और 25/03/2023 से प्रारंभ हो रही है चैत छठ महापर्व जानिए मातृ उद्वोधन आध्यात्मिक केन्द्र के संचालक ठाकुर अरुण कुमार सिंह ने चैत नवरात्री और चैत छठ महापर्व के बारे मे क्या कहा?

रिपोर्टर:- सनोवर खान/ नसीम रब्बानी

हिन्दू पंचांग के अनुसार होली के बाद इस वर्ष की सम्वत २०८० नववर्ष वसंत ऋतु के अन्तर्गत चैत्र नवरात्र का शुभारंभ अर्थात् कलश स्थापना दिनांक – २२.०३.२०२३ बुधवार को बह्रम मुहूर्त ४.०० बजे से ५.३० बजे तक कर लेना चाहिए । अगर इस मुहूर्त में नहीं हो सका तो अभिजीत मुहूर्त में अर्थात् ११.३४ बजे दिन से १२.२६ बजे अपराह्न तक कलश स्थापना कर लेना चाहिए ।
कलश स्थापना के साथ ही हिन्दू नव वर्ष विक्रम संवत् २०८० की हो जाएगी शुरुआत । इस बार ११ दिन पूर्व ही हो रहा चैती नवरात्र का शुभारंभ । मूल रूप से तीन संधि पूजन करने का अधिक महत्वपूर्ण बताया गया है । षष्ठी- सप्तमी, सप्तमी- अष्टमी और अष्टमी- नवमी । क्रमशः रात्रि ७.२५ से ७.२६ ( दिनांक-२७.३.२३ सोमवार) , रात्रि ८.२९ से ८.३० ( दिनांक-२८.३.२३ मंगलवार) आज ही मध्य रात्रि में महानिशा पूजा तथा रात्रि १०.०१ से १०.०२ मिनट तक ( दिनांक-२९.३.२३बुधवार )
दिनांक-३०.३.२३ गुरूवार को महानवमी वं पूर्णाहुति ।
हिन्दू नववर्ष में नहाय – खाय से आरम्भ होगा चार दिवसीय छठ महापर्व ।
ग्रीष्मकालीन चार दिवसीय लोक आस्था का महापर्व छठ २५ मार्च शनिवार नहाय- खाय से आरम्भ होगा। २६ मार्च रविवार को खरना के दिन व्रती चंद्रमा को अर्घ्य देकर खरना का प्रसाद
खीर रोटी ग्रहण कर निर्जला व्रत का संकल्प लेगी । २७ मार्च सोमवार को व्रती अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य वं २८ मार्च मंगलवार को उदयीमान सूर्य को अर्घ्य देकर पारण कर व्रत को पूरा कर

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