विवाह कीर्तन में सीता विदाई प्रसंग पर फफक पड़े श्रोता
विवाह कीर्तन में सीता विदाई प्रसंग पर फफक पड़े श्रोता
महुआ, रेणु सिंह
आहे सिया भइलन आज पराई जनकपुर सुन भईल— मिली लिहू जूल लिहू संग के सहेलियां फिर कब होयत मुलाकात हो, सीता विदाई प्रसंग पर जब यह भाव गायक द्वारा सुनाया गया तो पूरी महफिल गमगीन हो गई। इस कार्यक्रम के मौके पर महफिल में बैठी महिलाएं तो फफक पड़ी और हर लोगों की आंख आंसुओं से भर आए।
महुआ के पानापुर बिशनपुरा और बरियारपुर बुजुर्ग में अष्टयाम यज्ञ समापन पर मंगलवार की रात राम विवाह उत्सव पर सीता विदाई का भाव प्रसंग को गायक द्वारा झांकी पूर्वक सुनाया गया तो वहां उपस्थित सभी श्रोता शांत हो गए। ऐसा लगा जैसे बेटी का विदाई हो रही हो और हर लोग गमजदा हैं। इसी तरह राम, सीता और लक्ष्मण वन गमन पर लोग भाव विकल हो गए। यहां पर राम जन्मोत्सव से लेकर राम वन गमन तक गायक द्वारा संगीतमय रूप में सुनाया गया। भगवान राम की बाल लीला को जब झांकी पूर्वक दर्शाया गया तो लोग वात्सल्य चेतना में डूब गए। इसी के साथ भगवान राम के विभिन्न रूपों को दिखाया गया। बरियारपुर बुजुर्ग में राम विवाह उत्सव प्रसंग सुनने के लिए महिलाओं की भारी भीड़ उमरी। उन्होंने कार्यक्रम का अंत अंत तक आनंद उठाया। पानापुर बिशनपुरा में प्रदीप सिंह, रवीन्द्र सिंह, खुरखुर साह, विमल राय आदि सक्रिय रूप से लगे रहे। यहां राधे कृष्ण मंदिर के पुजारी भी पहुंचे और कार्यक्रम में सहभागिता निभाई।
