पंडितों से सुनी सावित्री सत्यवान की कथा, सुख समृद्धि के साथ अखंड सौभाग्य के लिए मांगी मन्नत
पंडितों से सुनी सावित्री सत्यवान की कथा, सुख समृद्धि के साथ अखंड सौभाग्य के लिए मांगी मन्नत
महुआ। रेणु सिंह
जेठ पूर्णिमा पर रविवार को सुहागिनों ने बरगद वृक्ष के 108 फेरे लगाए और सुख समृद्धि व घर परिवार के सलामती के साथ अखंड सौभाग्य के लिए प्रार्थना की। सुहागिनों ने अहले सुबह से ही पूजन की थाल लेकर बरगद के पेड़ पास पहुंची और उसके 108 फेरे लगाकर पंडितों से कथा सुनी।
महुआ के काली घाट, पुराना बाजार, महावीर मंदिर के निकट, सती माई स्थानसहित विभिन्न जगहों पर सुहागिन महिलाओं की भीड़ उमड़ी। उन्होंने सिंदूर से नाक से लेकर मांग को भरा। बरगद की पूजा की और उन्हें हाथ पंखा भी झेले। इस मौके पर महिलाओं ने मंगल गान गाकर स्थल को भावनाएं बना दिया। यहां सुहागिनों को कथा श्रवण कला रही किरण झा ने बताया कि जेठ की अमावस्या को सुहागिने वट सावित्री की पूजा करती है। वही जो महिलाएं उसमें पूजन करने से छूट जाती हैं। वह इस दिन यानी जेठ पूर्णिमा को बरगद पेड़ के फेरे लगाकर अखंड सौभाग्य के लिए कामना करती हैं। यह बरगद पूजन सुहागिनों के लिए अति फलदाई है। इसी महीने सावित्री ने घोर तपस्या कर अपनी मृत पति सत्यवान का बरगद वृक्ष के पास प्राण लौटवाया था। इस दिन बरगद के फेरे लगाने से महिलाएं सदा सुहागन रहती हैं। इस मौके पर सुहागिनी सोलहो श्रृंगार से पूर्ण होकर यह पूजन किया। इधर पर्यावरणविद का कहना है कि जेठ का महीना सबसे अधिक तपन का होता है। इस महीने सबसे अधिक ऑक्सीजन और छांव बरगद वृक्ष ही देती है। तपती धूप और गर्मी में लोग इस पेड़ के पास बैठकर सुखद अनुभव करते हैं। यह बरगद 20 हजार से अधिक लोगों के लिए ऑक्सीजन प्रदान करती है। मानव जीवन ही नहीं संपूर्ण जीव पेड़ पौधे पर आधारित हैं। इस कारण पर्यावरण की रक्षा का शपथ लेना चाहिए।
