जिलाधिकारी ने की भूमि विवाद सहित राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा
जिलाधिकारी ने की भूमि विवाद सहित राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा
नसीम रब्बानी/सुधीर मालाकार
वैशाली:हाजीपुर जिलाधिकारी श्री यशपाल मीणा के द्वारा अपने कार्यालय कक्ष में भूमि विवाद सहित राजस्व
विभाग के कार्यों की समीक्षा की गयी। समीक्षा बैठक में अपर समाहर्त्ता, जिला राजस्व शाखा के प्रभारी पदाधिकारी, डीसीएलआर और अंचलाधिकारी उपस्थित थे। भूमि विवाद से जुड़े हुए मामलों की समीक्षा में जिलाधिकारी के द्वारा चौकिदारों एवं सरपंचों के माध्यम से थानावार एवं अंचलवार जो प्रतिवेदन प्राप्त हुआ था उसकी जानकारी प्राप्त की गयी। प्रभारी राजस्व शाखा ने बताया कि जिला भर में चौकदारों के द्वारा 493 और सरपंचों के द्वारा 317 सहित कुल 810 मामलों में संबंधित पक्षों की जानकारी दी गयी है। समीक्षा में महुआ थाना के कुल 53 चौकिदारों के द्वारा मात्र 07 मामले बताये जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी प्रकट की महुआ थाना प्रभारी तथा अंचलाधिकारी महुआ को संयुक्त स्पष्टीकरण करने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी के द्वारा सभी डीसीएलआर को भूमि विवाद के प्रतिवेदति सभी मामलों को अगले 10 दिनों में संबंधित जमीन पर जाकर भौतिक सत्यापन करने और उस जमीन का फोटो भेजने का निर्देश देते हुए कहा गया कि इसे अतिसंवेदशील, संवेदनशील और सामान्य श्रेणी में बाँटते हुए इस पर सभी तरह के रोकथाम के उपाय करने और जरूरी है तो मापी कराने, बँटवारा कराने अथवा 144 के अंतर्गत कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन भेजने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी के द्वारा सभी अंचलाधिकारियों को थानों पर जाकर 144 की पंजी संधारण देखने का निर्देश देते हुए उसकी गुणवत्ता की जाँच करने का निर्देश दिया गया। सभी डीसीएलआर को भूमि विवाद के मामलों की कोर्ट सुनवाई शीघ्र पूरा कर उस पर निर्णय देने का निर्देश दिया गया ताकि मामलों को हल निकल सके।
राजस्व विभाग के कार्यों में भू-लगान को लेकर पूछने पर बताया गया कि पिछले वित्तीय वर्ष में 33 प्रतिशत उपलब्धि रही है जबकि वर्तमान वित्तीय वर्ष में अभी तक मात्र 80 लाख रुपया ही जमा करायी गयी है जबकि लक्ष्य 8 करोड़ से अधिक का दिया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि भू-लगान को लोगों के बीच कैम्प लगाकर जमा करायी जाय। इसके लिए पीडीएस डीलर, विकास मित्र, पीआरएस, अन्य मनरेगा कर्मी, कृषि विभाग के कर्मी गाँव में जागरूकता अभियान चलायेंगे। इसके लिए उन्हें प्रखंड स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाय। इसके बाद प्रत्येक हल्का के लिए कैम्प लगाने की तिथि निर्धारित कर ऑफ लाईन एवं ऑन लाईन दोनों तरह से भू-लगान जमा कराने की व्यवस्था करायी जाय। इसके लिए सभी डीसीएलआर को माइक्रोप्लान बनाने के लिए 2 दिनों का समय दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि डीसीएलआर के प्रस्ताव पर कैम्प के लिए जिला स्तर से रोस्टर जारी किया जाएगा।
जिलाधिकारी के द्वारा भू- दस्तावेजों के डीजीटाईजेशन, अतिक्रमणवाद, एलपीसी निर्गम, म्यूटेशन परिमार्जन एवं अभियान बसेरा की समीक्षा की गयी।
भू-दस्तावेजों-खतियान / जमाबंदियों के ऑन लाईन करने के लिए चल रहे डीजीटाईजेशन के कार्यों को हर हाल में जुलाई तक पूरा कराने का निर्देश सभी अंचलाधिकारियों को दिया गया। इस कार्य में पातेपुर अंचल की धीमी रफ्तार पर नाराजगी व्यक्त की गयी। अतिक्रमण के मामलों पर जिलाधिकारी ने कहा कि विधिवत दो नोटिस जारी करने वाद फोर्स की मांग कर अतिक्रमण को हटवाया जाना सुनिश्चित किया जाय। गारौल में अतिक्रमण के चार मामले लम्बित पाये जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी प्रकट की और महुआ डीसीएलआर को मामलों को देखने का निर्देश दिया गया।
एलपीसी के मामले में कहा गया कि एलपीसी के लिए आवेदने प्राप्त होते ही कागजातों की जाँच कर एलपीसी तुरंत निर्गत किया जाय। सभी डीसीएलआर को एलपीसी संबंधी रेण्डेमली ऑनलाईन जाँच करने का निर्देश दिया गया। दाखिल खारीज से संबंधित प्रतिदिन के निष्पादित मामलों का आंकड़ा मांगा गया और कहा गया कि जो भी कभी है उसकी नोटिस देकर मामलों का तुरंत निष्पादन किया जाय केवल रिजेक्ट नही किया जाय। दाखिल-खारिज को गति दने के लिए पंचायतों में लगाये जा रहे कैम्प की भी जानकारी प्राप्त की गयी। जिलाधिकारी के द्वारा अभियान बसेरा के अंतर्गत सर्वेक्षित परिवारों के शेष बच्चे लाभुकों को पर्चा दे देने का निर्देश अंचलाधिकारियों को दिया गया।
