डाक्टर अजीम की रचित पुस्तक “बाल द्वार हिमियोपैथि”पुस्तक का अध्ययन कर फाएदा उठाएं/ अजीम अंसारी
डाक्टर अजीम की रचित पुस्तक “बाल द्वार हिमियोपैथि”पुस्तक का अध्ययन कर फाएदा उठाएं/ अजीम अंसारी
रिपोर्ट:अब्दुल वहीद, वैशाली
वैशाली शहर हाजीपुर के प्रसिद्ध होम्योपैथिक डॉ मोहम्मद अजीम अंसारी के रचित पुस्तक बाल द्वार के नाम से प्रकाशित होकर लोगों के बीच आ चुका है इस पुस्तक की रचना के बाद आजाद हिमियोपैथि क्लिनिक गांधी चौक हाजीपुर के श्री डॉक्टर अजीम अंसारी ने सूत्रों से कहा कि ऐसे तो समाज में शहर में बहुत सारे चिकित्सक हैं जो अपने अपने अनुभव से मरीजों का इलाज करते हैं और दुखों का निपटारा भी करते हैं मेरी किताब अपने अनुभव का अपने कार्यों संगठित पुस्तक है इस पुस्तक की खास बात यह है कि घर में रहते हुए तत्कालीन उपचार पढ़ कर कर सकते हैं इस किताब को रचित कर समाज में एक दर्पण की तरह पेश करने का प्रयास क्या जिसे मामूली पढ़े लिखे लोग पढ़कर इस से फायदा उठा सकते हैं इन्होंने इस किताब के जरिए से एक अनोखा इलाज की पद्धति भी प्रदर्शित करते हुए बताया कि मनुष्य के सर के बाल के जरिए कई बीमारियों का समाधान किया जा सकता है इसलिए इस पुस्तक का अध्ययन कर डॉक्टर भी बहुत सारी जगह पर फायदा उठा सकते हैं उन्होंने यह भी कहा कि इस किताब से जहां डॉक्टर फायदा उठा सकते हैं वहां समाज का एक आदमी भी सघन अध्ययन के बाद फायदा उठा सकते हैं हम आशा करते हैं कि यह किताब हमारी मेहनत का एक फल बनकर समाज में दुखों का निपटारा करने में एक अहम रोल अदा करेगी
