April 21, 2026

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बेतिया राज की भूमि पर अतिक्रमण को रोकने एव सभी भूमि का अभिलेख खोजने का निर्देश।

बेतिया राज की भूमि पर अतिक्रमण को रोकने एव सभी भूमि का अभिलेख खोजने का निर्देश।

यूरो चीफ अंजुम शाहiब की रिपोर्ट मुजफ्फरपुर बिहार।

माननीय अध्यक्ष, सदस्य राजस्व परिषद्, बिहार श्री विवेक कुमार सिंह की अध्यक्षता में तिरहुत प्रमंडल अन्तर्गत बेतिया राज की भूमि पर हो रहे अतिक्रमण एवं अन्य मामले तथा निलाम पत्र वादों के प्रगति की समीक्षात्मक बैठक समाहरणालय सभागार में किया गया। माननीय अध्यक्ष, श्री विवेक कुमार सिंह ने बेतिया राज के अन्तर्गत सभी भूमि का अभिलेख जमाबंदी दस्तावेज के संबंध में विस्तृत रूप से जानकारी दी। साथ ही आवश्यक निदेश भी दियें। राजस्व परिषद के माननीय तीन सदस्य विशेषज्ञ के रूप में वेतिया राज भूमि की प्रकृति, सूची तथा इसके न्यायिक पहलुओं उपस्थित सभी जिलों के जिला पदाधिकारी और ए.डी.एम. के बीच बताया। बेतिया राज की भूमि की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा की जमींदारी उन्मूलन अधिनियम के साथ बेतिया राज के संबंध में अधिसूचना जारी नहीं किया गया था। कारण की 1896 में अंतिम रूप से कानूनी वारिस महरानी जानकी कुॅवर के मृत्यु के बाद बोर्ड आॅफ रेवन्यू के अध्यक्ष के संरक्षण में यह भूमि अधिन हो गयी। मुख्य रूप से सभी जिला पदाधिकारियों को निदेश दिया गया की अपनं अंचलों के माध्यम से जिले में बेतिया राज अन्तर्गत भूमि को चिन्हित एवं सूचीबद्ध करें। जिला पदाधिकारी विशेष तौर से इसकी माॅनिटरिंग करेंगे। अतिक्रमण और जमाबंदी के मामलें को भी नियमानुसार निष्पादन करेंगे। साथ ही सर्वेक्षण बंदोवस्त पदाधिकारी को भी शुद्ध सूची उपलब्ध करायेंगे। अंचलवार भूमि बंदोवस्ती की जानकारी बंदोवस्त पदाधिकारी को दें। माननीय सलाहकार एवं सदस्य राधामोहन ने बताया की अंचलवार क्षेत्र बुझाहत पंजी और भूमि पंजी संधारित है, जिससे बेतिया राज की भूमि का सत्यापन करायें। शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में अतिक्रमण के अधिक मामले हैं। अच्छे सत्यापन और अतिक्रमण मामलें में नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कर आरोप गठित करें और रद्दीकरण का प्रस्ताव अवर निबंधक को भी दें। समरूप प्रपत्र बनाकर बेतिया राज की भूमि का बंदोवस्ती और अतिक्रमण मुक्त करायें।
निलाम पत्र वाद की समीक्षा में आयुक्त महोदय ने बताया की सभी जिलों में केसों की संख्या ज्यादा है। लगभग दो हजार करोड़ निलाम वाद में बांकी है। उन्होंने कहा की कई अधिकारियों के पास कांफी मामले में केस लंबित है, जबकि कुछ पदाधिकारियों के पास मामले या वाद नहीं है, इसलिए सभी जिला पदाधिकारी को निदेश दिया गया की पदाधिकारियों के बीच सही ढ़ंग से वाद को वितरित करें। वरीय पदाधिकारी और संवेदनशील पदाधिकारी को अधिक मामले निष्पादन के लिए दें। बैठक में माननीय सदस्य, श्री राधा मोहन, श्यामल किशोर पाठक, प्रमंडलीय आयुक्त गोपाल मीणा, जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर प्रणव कुमार, जिलाधिकारी वैशाली यशपाल मीणा, जिलाधिकारी सीतामढ़ी मणेश मीणा, जिलाधिकारी पश्चिमी चम्पारण (वेतिया) दिनेश कुमार राय, जिलाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, मोतीहारी सौरव जोरवाल, जिलाधिकारी शिवहर श्री राम शंकर आदि उपस्थित थें।

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