हक़ और इंसाफ के लिए इमाम हुसैन की शहादत जमाने के लिए अजीम मिसाल । चंद्रवंशी
हक़ और इंसाफ के लिए इमाम हुसैन की शहादत जमाने के लिए अजीम मिसाल । चंद्रवंशी
नसीम रब्बानी
आदिल शाहपुरी
वैशाली मोहर्रम इस्लाम धर्म का प्रथम महीना है और बकर ईद आखरी महीना है दोनों महिना कुर्बानियों से भरा हुआ है आखरी महीना में हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम ने इस्माइल अलैहिस्सलाम की कुर्बानी पेश की और पहला महीना मोहर्रम जिसमें मोहम्मद स० के नवासा हजरत हसन और इमामे हुसैन की शहादत हुई ये शहादत दुनिया में एक अजीम और बेमिसाल शहादत है जिसने दीन ए मोहम्मदी को बचाने के लिए इमाम हुसैन रजि अल्लाह ताला अनहू ने अपने साथ अपने पूरे कुंबे को हक और इंसाफ के लिए कर्बला के मैदान में जान निछावर कर दी लेकिन बातिल के आगे सर न झुकाया सर कटा करके दीन इस्लाम का परचम को बंलंद किया यह बातें सामूहिक रूप से राजद पार्टी के जिला वैशाली अध्यक्ष श्री चंद्रवंशी एवं राजद पार्टी के जिला वैशाली महासचिव एवं पार्टी महुआ प्रभारी सरफराज एजाज ने सूत्रों से कहा उन्होंने यह भी कहा कि मोहर्रम खुशी का महीना नहीं बल्कि गम का महीना है और यह महीना जाती धर्म से ऊपर उठकर इंसाफ और समानता का संदेश देता है हमें चाहिए कि डंका नगारा से परहेज़ करें और इमामे हुसैन का जो संदेश है उस संदेश को समाज में फैलाएं और उस पर चल कर समाज में हक और इंसाफ का झंडा ऊंचा करें।
