कुरियर और आशा कर्मियों के शोर-शराबे के बीच महुआ पीएचसी में शुरू हुआ टीकाकरण कार्य
कुरियर और आशा कर्मियों के शोर-शराबे के बीच महुआ पीएचसी में शुरू हुआ टीकाकरण कार्य
महुआ। रेणु सिंह
कुरियर और आशा कर्मियों के द्वारा शोर-शराबे के बीच राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान शुक्रवार को यहां पीएचसी पर शुरू किया गया। लंबे समय से टीकाकरण बाधित किए जाने से महुआ वासियो में आक्रोश भड़क रहा था। इसको लेकर लोगों ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी का घेराव करते हुए टीकाकरण अभियान को अभिलंब चालू करने की मांग की थी।
लोगों में बढ़ते आक्रोश और उनकी मांग को देखते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ मनोरंजन कुमार सिंह ने पीएसी में टीकाकरण कार्य काफी मशक्कत के बीच शुरू कराया। इस दौरान यहां 35 बच्चे और गर्भवतियों का टीकाकरण किया गया। कुरियर और आशा कर्मियों के द्वारा चल रहे बेमियादी हड़ताल में यहां अनुमंडल अस्पताल और पीएससी पर चलने वाले आउटडोर और टीकाकरण कार्य को बाधित किया जा रहा था। जिसको लेकर महुआ के लोगों में आक्रोश भड़क रहा था। लोगों का कहना था कि राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान को बाधित किया जाना अपराध है। टीकाकरण नहीं होने कारण नवजात बच्चे और गर्भवतियों में गंभीर बीमारियां पैदा हो सकती है। इस बीच शुक्रवार को जब यह टीकाकरण अभियान शुरू किया गया तो कुरियर कर्मियों के साथ कुछ आशा भी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। हालांकि इस शोर-शराबे के बीच भी यहां टीकाकरण जारी रहा और तीन दर्जन बच्चे और गर्भवती लाभान्वित हुए। इधर लोगों का कहना है कि मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया जाना उनका नैतिक अधिकार है। जबकि राष्ट्रीय अभियान को बाधित किया जाना घोर अपराध है। मालूम हो कि कुरियर कर्मी अपनी मांगों को लेकर बेमियादी हड़ताल पर हैं। उनका कहना है कि कार्य के लिए जो पैसे मिल रहे हैं वह काफी कम है। उससे उनका घर परिवार नहीं चल रहा है। वे लोग मजदूरी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सिंह ने बताया कि कुरियर कर्मियों की मांग पत्र जिला मुख्यालय भेजा गया है। उन्होंने कुरियर कर्मियों को राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान बाधित नहीं करने की अपील की।
