सावधान! चिप्स ,कुरकुरे के रूप में कहीं आपके बच्चे जहर तो नहीं खा रहे ?खाद्य विभाग अनभिज्ञ
सावधान! चिप्स ,कुरकुरे के रूप में कहीं आपके बच्चे जहर तो नहीं खा रहे ?खाद्य विभाग अनभिज्ञ । (बच्चे पेट संबंधी गंभीर रोग का हो रहे शिकार)
रिपोर्ट सुधीर मालाकार ।
वैशाली! हाजीपुर, जिले के हर गली ,मोहल्ले, चौक चौराहे, छोटे से बड़ी दुकानों में आराम से बच्चे या सयाने को मसालेदार ,चटपटी कुरकुरे चिप्स या अन्य इस प्रकार की खाद्य सामग्री खाते तो आपने जरूर देखा होगा। खाने में इतने लजीज और स्वादिष्ट होते कि लोग एक पैकेट तो क्या कई पैकेट को एक साथ खा जाते हैं ।बच्चों को भी आपने कुरकुरे लेने के लिए जिद करते हुए देखा होगा या फिर अपने बच्चे को आप शांत कराने के लिए कुरकुरे खरीद कर दिए होंगे ,लेकिन कभी आपने सोचा कि इस बंद प्लास्टिक में हवा के साथ जहर अपने बच्चों को तो नहीं खिला रहे है ।आप भी बेखबर है।इन सभी खाद्य पदार्थों की बिक्री की सुधि रखने वाला विभाग खाद्य विभाग भी बिल्कुल बेखबर होकर कुंभ करनी नींद में सोया है ।अगर नहीं सोया है तो उसकी नजरों के सामने जहर बेचे जा रहे हैं, न उसकी जांच है न उसकी कोई फिक्र है ।प्रत्येक जिले में फूड इंस्पेक्टर की नियुक्ति रहती है, जो कि जिले में खाद्य सामग्री की जांच करते हैं। लेकिन जांच के नाम पर फुड इंस्पेक्टर उगाही करते हैं, नहीं तो खुलेआम इस प्रकार मिलावटी जहरीले समान बाजार मे नहीं बिकती । कुरकुरे, प्लेन , टिक टॉक,वेज बिरियानी, टनाटन ,मून चिप्स, सर्कस का शेर ,पैसा ही पैसा, नूडल्स, फिंगर ,रिंग पास्ता, चमचम जैसे नन ब्रांडेड विभिन्न नाम से बाजार में खुलेआम बिक रहे है । यह खाद्य सामग्री बच्चों के स्वास्थ्य पर कितना प्रभाव डालते हैं। जब इस संबंध में हमने डॉ उदय कुमार से बात की तो उन्होंने बताया की यह खाद्य पदार्थ बच्चों के आंत में जाकर बड़ा ही बुरा प्रभाव डालते हैं ।जिससे बच्चों को कोलिंग पेन होता है और वह पेट के विभिन्न रोगों से परेशान रहते हैं। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से हार्ट संबंधी तथा हाई कैलोरी होने से डायबिटीज जैसे घातक रोग हो सकते हैं ।साथ ही साथ पेट में दर्द, आंत में गांठ, उल्टी जैसी कई बीमारियों से हमेशा परेशान रहते हैं। समय रहते इस पर सरकार एवं समाज नहीं चेता तो अधिकांश बच्चे पेट रोग से ग्रसित होकर अपने स्वास्थ्य को खराब कर लेंगे।
