March 14, 2026

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डीएम ने ली डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज से मिलकर इलाज की जानकारी

डीएम ने ली डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज से मिलकर इलाज की जानकारी

– डेंगू के 32 मरीज प्रतिवेदित हुए
– प्रचार प्रसार के साथ सभी पीएचसी स्तर पर फॉगिंग एवं दवा का छिड़काव किया जा रहा है

रिपोर्ट नसीम रब्बानी, बिहार 

मोतिहारी, 14 सितंबर। सदर अस्पताल में डेंगू वार्ड का जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर डीएम ने डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज से मिल अस्पताल द्वारा दी जा रही सुविधाओं व इलाज की जानकारी प्राप्त की एवं स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए। सिविल सर्जन डॉ अंजनी कुमार ने बताया कि जिलेभर में डेंगू के प्रकोप से बचाव हेतु शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में फॉगिंग एवं कीटनाशक दवा का छिड़काव किया जा रहा है। डेंगू रोग के संक्रमण से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए रणनीति के क्रियान्वयन हेतु जिला, अनुमंडल, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों एवं सहयोगी संस्थानों द्वारा विशेष नजर रखी जा रही है। नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत, डीभीबीडीसीओ कार्यालय, सभी पीएचसी स्तर पर व्यापक पैमाने पर फॉगिंग एवं दवा का छिड़काव किया जा रहा है। डेंगू से बचाव हेतु जागरूकता अभियान चलाकर आमजन को प्रेरित किया जा रहा है।

घर एवं आसपास पानी जमा न होने दें एवं साफ-सफाई का ध्यान रखें:

सीएस ने बताया कि डेंगू एवं चिकनगुनिया की बीमारी संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से होती है। यह मच्छर दिन में काटता एवं स्थिर साफ पानी में पनपता है।
डेंगू के लक्षण तेज बुखार, बदन, सर एवं जोड़ों में दर्द तथा आंखों के पीछे दर्द, त्वचा पर लाल धब्बे, चकत्ते का निशान, नाक मसूढों से या उल्टी के साथ रक्तस्राव, काला पैखाना होना आदि हो सकते हैं। याद रखें हर बुखार डेंगू नहीं है। बीमारी के लक्षण होने पर बिना समय नष्ट किये चिकित्सक से संपर्क करें। डेंगू एवं चिकनगुनिया बुखार की स्थिति में सभी रोगियों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं होती है। समय पर उपचार करने से मरीज पूर्णतः स्वस्थ हो जाता है।
तेज बुखार के उपचार हेतु एस्प्रीन अथवा ब्रूफेन की गोलियां कदापि इस्तेमाल नहीं करें। इसके लिए पारासिटामोल सुरक्षित दवा है।
एंबुलेंस हेतु टॉलफ्री नंबर 102 पर डायल करें। इलाज के लिए विशेष जानकारी, शिकायत, परामर्श हेतु टॉलफ्री नंबर 104 से संपर्क करें,जो हर दिन 24 घंटे कार्यरत हैं l।
विदित हो कि अब तक जिले भर में डेंगू के कुल 32 पॉजिटिव मरीज प्रतिवेदित हुये हैं। सभी मरीजों की ट्रैवलिंग हिस्ट्री है। जो अन्य प्रदेशों से आए हैं। जिला के ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिवेदित डेंगू के मरीज के क्षेत्रों में जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यालय, मोतिहारी के द्वारा संबंधित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों से समन्वय स्थापित करते हुये निरोधात्मक कारवाई यथा– फॉगिंग आदि करायी जा रही है। इस क्रम में प्रतिवेदित डेंगू के मरीज के घर के चारों तरफ टेक्नीकल मालाथियॉन की फॉगिंग करायी जा रही है। विदित हो कि डेंगू के मरीजों के मुफ्त इलाज हेतु सदर अस्पताल मोतिहारी में 10 बेड, अनुमंडल अस्पताल में 05 बेड एवं प्प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र / सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर 02-02 बेड का मच्छरदानीयुक्त बेड तैयार कराया गया है। साथ ही सभी संस्थानों में डेंगू के मरीजों की जॉच एवं उपचार की व्यवस्था मुफ्त में उपलब्ध है। सदर अस्पताल, मोतिहारी में डेंगू के एनएस 1 रैपीड टेस्ट एवं एलिसा एनएस 1 कन्फर्मटिव टेस्ट की सुविधा मुफ्त उपलब्ध है।

डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव हेतु निम्न उपाय करें:

दिन में भी सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। घर एवं सभी कमरों को साफ सुथरा एवं हवादार बनाएं रखें। टूटे-फूटे बर्तनों, कूलर, एसी, फ्रिज के पानी निकासी ट्रे, पानी टंकी एवं घर के अंदर एवं अगल-बगल में अन्य जगहों पर पानी न जमने दें।
आसपास के जगह को साफ सुथरा रखें तथा जमा पानी एवं गंदगी पर कीटनाशक दवा का छिड़काव करें। गमला, फूलदान इत्यादि का पानी हर दूसरे दिन बदलें। जमे हुए पानी पर मिट्टी का तेल डालें।

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