जातीय गणना से बड़ा फायदा पसमांदा मुस्लिम बिरादरी को हो सकता है मगर पसमांदा एक आवाज होजाएं तब/ मुहम्मद युनुस अंसारी
जातीय गणना से बड़ा फायदा पसमांदा मुस्लिम बिरादरी को हो सकता है मगर पसमांदा एक आवाज होजाएं तब/ मुहम्मद युनुस अंसारी
एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर ऑल इण्डिया पसमांदा मुस्लिम महाज़
जातीय गणना के आधार पर बिहार का उप मुख्यमंत्री पसमांदा मुस्लिम को बनाया जाए/ पसमांदा मुस्लिम संगठन
रपोर्र :आदिल शाहपुरी
वैशाली संवाददाता सूत्र बिहार की जातिगत गणना का आंकलन राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन एवं अन्य लोग अपने अपने तरीक़े से कर रहे हैं परन्तु ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ का आंकलन हैं कि पसमांदा मुस्लिम समाज की आबादी बिहार की कुल आबादी की 12.9% है और कुल मुस्लिम आबादी की करीब 75% है। इस आधार पर ऑल इण्डिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ बिहार सरकार से मांग करता है कि सरकार पसमांदा (ओबीसी) मुस्लिम समाज को 12.9% आरक्षण सभी सेक्टर में दे और राजनीतिक हिस्सेदारी को सुनिश्चित करने हेतु एक और उप मुख्यमंत्री पसमांदा मुस्लिम समाज से बनया जाना चाहिए
ये गणना सही हुई या नहीं या फ़िर राजनीति से प्रेरित रही या फ़िर इसमें और सुधार की आवश्यकता है। यह सब चर्चा या बहस के मुद्दे हो सकते हैं।जाति गत गणना के इंडेक्स को देखा जाए तो इसमें कई केटेगरी बनाई गई हैं।
1. पिछड़ा वर्ग
2. अति पिछड़ा वर्ग
3. अनु सूचित जाति
4. अनु सूचित जन जाति
5. सामान्य या अनारक्षित।
इसमें पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग का प्रतिशत सबसे अधिक है।
अगर इसी प्रकार से हम मुस्लिम को कैटेगरी में बाँट कर देखें ।1- अशराफ सबसे कम 4.2% 2- पसमांडा मुस्लिम बिरादरी सबसे अधिक करीब 13.5%. बाबजूद इसके कि इस गणना में पसमांडा समाज पूरी तरह से जागरूक नहीं हुआ। यह आंकड़ा इससे भी ऊपर जा सकता था। आने वाले समय में हर प्रदेश बल्कि पूरे देश में जाति गत गणना होने की संभावना है अतः पसमांदा मुस्लिम समाज की सभी बिरादरियों को जागरूक रहकर जातिगत जनगणना में भाग लेकर अपने सामाज के लोगों को भी इसने भाग लेने के लिए प्रेरित करना है। बिहार की आबादी में यादव सबसे अधिक 14% उसके बाद मुस्लिम 17.7% एवम 3% कुर्मी एवं अन्य को जोड़कर करीब 45% वोट बैंक के नेरेटिव को सिद्ध करने की कोशिश हो रही है। लेकिन इसमें से 13.5%पसमांदा मुस्लिम को घटा दिया जाना चाहिए क्यों कि अब पसमांदा मुस्लिम समाज जागरूक हो चुका है और अब ये समाज अपनी शर्तों पर वोट देगा।अब ये समाज अशरफ मुस्लिम समाज के बहकावे में आकर उनकी शर्तों पर वोट नही देगा।अब वह दिन गए जब शाही इमाम बुखारी, जमात ए उलमा ए हिन्द, मदरसे और मजरों के लुटेरों के कहने पर पसमांदा मुस्लिम समाज वोट करता था।
ऑल इण्डिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ बिहार सरकार द्वारा जारी जातीय जनगणना में पसमांडा की गणना13.5% को मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक प्रचारित और प्रसारित करेगा। जिससे पसमांडा समाज की राजनैतिक हैसियत निर्धारित हो सके। ऑल इण्डिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ सभी राजनीतिक दलों को ज्ञापन देकर यह सुनिश्चित करवाएगा कि मुस्लिम वोट बैंक अशराफ के पास नहीं बल्कि पसमांडा समाज के पास है।ऑल इण्डिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ पसमांदा मुस्लिम समाज के सभी बिरादरियो के लोगों से गुज़ारिश करता है कि आप लोग जातिवादी मानसिकता से ग्रस्त संगठनो से दूरी बनाए अंसारी,मंसूरी,कुरैशी,राइनी,सलमानी, हवारी, आदि नाम से चलने वाले संगठन पसमांदा आन्दोलन को जाने अंजाने में कमज़ोर करने के लिए चलाए जा रहे हैं। इस प्रकार के संगठनों के बहकावे में नहीं आए यह एक तरह से अशरफ मुस्लिम समाज के एजेंट के रूप में पसमांदा मुस्लिम समाज को टुकड़े टुकड़े में बांटने का कार्य कर रहे हैं।इस जातीय गणना से सबसे ज्यादा फायदा पसमांडा मुस्लिम समाज को हो सकता है अगर पसमांडा लोग जातियों में न बट कर एक संगठित होकर सिर्फ पसमांडा बने रहें।
