स्वतंत्रता सेनानी सुखदेव केसरी की पुण्यतिथि मनाई गई
स्वतंत्रता सेनानी सुखदेव केसरी की पुण्यतिथि मनाई गई
महुआ। रेणु सिंह
स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर पत्रकार, समाजसेवी और वैशाली के विकास के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले *कर्मवीर सुखदेव केसरी* की अठारहवीं पुण्यतिथि उनके पैतृक गाँव रेपुरा में मनाई गई। इस अवसर पर वहाँ उपस्थित लोगों ने केसरी जी के चित्र पर पुष्प अर्पित किया। इस अवसर अपने संबोधन में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित जितेन्द्र सिंह ने केसरी जी के ब्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से चर्चा की। स्व केसरी द्वारा समाज के लिए किये गये कार्यों का विस्तार से उल्लेख करते हुए हाजीपुर- सुगौली रेल पथ परियोजना के साकार होने में उनकी अहम भूमिका बतायी। इस अवसर पर बोलते हुए स्व केसरी जी के प्रपौत्र राजा केसरी ने पत्रकारिता के क्षेत्र में केसरी जी के योगदान की चर्चा की और जिला प्रशासन से लालगंज में उनकी आदमकद प्रतिमा लगाने की मांग की।
समाजसेवी हरिनारायण ठाकुर ने कहा कि घोर गरीबी में रहकर भी समाजसेवा कैसे की जा सकती है, केसरी जी का इसका जीवन्त उदाहरण हैं। प्रखण्ड पंचायत परिषद के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व सरपंच राम प्रवेश सिंह ने कहा कि केसरी जी आजीवन समाज की भलाई के लिये संघर्ष करते रहे। अपने परिवार के लिए कुछ नहीं किया, उनका जीवन संघर्ष की प्रेरणा देता है। सुनील शर्मा ने कहा कि केसरी जी कितने दूरदर्शी थे इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि महज 25 वर्ष की आयु में उन्होंने पंडित जवाहर लाल नेहरू को वर्ष 1945 में लालगंज में निर्मित बबूल का खड़ाऊँ और हाजीपुर-सुगौली रेललाइन के निर्माण हेतु एक ज्ञापन सौंपा। मो. मुशर्रफ खलील ने कहा कि केसरी जी का सोंच था कि इस परियोजना के पूरा होने से विकास का सौगात के साथ सुगम यात्रा, ब्यापारियों,किसानों के लिए वरदान होगा एवं पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा जिससे हाजीपुर से लेकर नेपाल की सीमा तक खुशहाली की कहानी लिखी जा सकती है। इस अवसर पर प्रभु दयाल सिंह कुशवाहा, हरिवंश नारायण सिंह, चंद्र दीप राय, राम प्रवेश सिंह कुशवाहा, चन्दन कुमार, कमलेश्वर पासवान एवं सुरेश साह इत्यादि ने भी अपने उदगार ब्यक्त किया।
