दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए यूडीआईडी कार्ड जरूरी – जिलाधिकारी
दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए यूडीआईडी कार्ड जरूरी – जिलाधिकारी
रिपोर्ट प्रभंजन कुमार
हाजीपुर जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग वैशाली द्वार संचालित योजनाओं की समीक्षा जिलाधिकारी के द्वारा अपने कार्यालय कक्ष में की गयी। जिसमें सहायक निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग के द्वारा बताया गया कि सुगम्य एवं सुलभ सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए यूडीआईडी कार्ड ही एकल दस्तावेज के रूप में मान्य है। उन्होंने बताया कि वैसे दिव्यांगजन जिन्होंने यूडीआईडी कार्ड बनाने या ऑफ लाईन दिव्यांगता प्रमाण पत्र का सत्यापन कराने के लिए ऑनलाईन आवेदन नहीं किया है वे अपना आवेदन शीघ्र ही करा लें। ऑनलाईन आवेदन के लिए यूडीआईडी पोर्टल के रजिस्टर ऑप्शन अथवा पंचायत में उपलब्ध सुविधा केन्द्र (सीएससी) में दस रू० शुल्क देकर अपना आवेदन कर सकते है अथवा जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग के कार्यालय एवं बुनियाद केन्द्र में सम्पर्क कर यूडीआईडी कार्ड के लिए आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन के साथ दो रंगीन फोटो, मान्यताप्राप्त दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड की छायाप्रति एवं आवेदन पत्र पर हस्ताक्षर अथवा अंगूठे का निशान जरूरी है। जिलाधिकारी के पुछने पर सहायक निदेशक ने बताया कि जिला में 4154 दिव्यांगजनों को इस योजना का लाभ दिया गया है।
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण छत्र योजना की समीक्षा में बताया गया कि इस योजना अन्तर्गत दिव्यांगजनों को बैट्री चालित ट्राईसाईकिल का निःशुल्क वितरण किया जाता है। इसके लिए आवेदक को समाज कल्याण विभाग के वेव साईट पर आवेदन करना होता है। इस योजना का लाभ के लिए पात्रता निर्धारित है जिसके अनुसार वैसे चलंत दिव्यांगजन छात्र-छात्राएँ जिनका आवासन बिहार राज्य स्थित माहाविद्यालय / विश्वविद्यालय परिसर से 03 किमी0 या उससे अधिक की दूरी पर हो। इस योजना का लाभ के लिए आवेदन के साथ आधार कार्ड की छायाप्रति आवासीय प्रमाण पत्र, मान्याता प्राप्त दिव्यांगता प्रमाण पत्र, माहाविद्यालय / विश्वविद्यालय का पहचान पत्र संलग्न करना जरूरी है वैसे चलंत दिव्यांगजन जो स्वावलंबन के उद्देश्य से बिहार राज्य में रोजगार करते हों और परिवार के कमाऊ सदस्य हों तथा उनके आवास से उनका रोजगार स्थल 03 कि०मी० या उससे अधिक दूरी पर हो, बिहार राज्य का स्थायी निवासी हो एवं बिहार में आवासन हो, आय अधिकतम 2 लाख प्रतिवर्ष हो, आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो एवं दिव्यांगता प्रतिशत न्यूनतम 60 प्रतिशत चलन्त दिव्यांगता हो वे भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना का लाभ अभीतक 268 दिव्यांगजन को दिया जा चुका है।
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण छत्र योजना के तहत दिव्यांगजन को सहायक उपकरण एवं कृत्रिम अंग का भी वितरण किया जाता है। इस योजना का लाभ के लिए शर्तें हैं-आवेदक को बिहार राज्य का स्थायी निवासी होना होगा और बिहार में आवासन होना जरूरी है, आवेदक की आयु 14 वर्ष से अधिक हो. दिव्यांगता का प्रतिशत न्युनतम 40 प्रतिशत हो तथा उनका अधिकतम आय एक लाख रू० प्रतिवर्ष हो । आवेदन के साथ आधार कार्ड की छाया प्रति सक्षम स्तर से निर्गत आय प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र, मान्यताप्राप्त दिव्यांगता प्रमाण पत्र तथा दो रंगीन फोटो संलग्न करना जरूरी है। सहायक निदेशक के द्वारा बताया कि इस योजना अन्तर्गत 91 दिव्यांगजनों को लाभ दिया जा चुका है जिसमें 67 सामान्य टूईसाईकिल, 21 वैशाखी तथा 03 व्हील चेयर शामिल है।
जिलाधिकारी के द्वारा इन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार का निर्देश दिया गया ताकि दिव्यांगजन उसका समुचित लाभ उठा सकें।
