हरि प्रबोधिनी एकादशी पर तुलसी विवाह का आयोजन
हरि प्रबोधिनी एकादशी पर तुलसी विवाह का आयोजन
महुआ। रेणु सिंह
हरि प्रबोधिनी एकादशी देवोत्थान के साथ श्रद्धालुओं ने यहां गुरुवार को तुलसी विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया। इस मौके पर वेद मंत्र गूंजते रहे। यहां पंडितों द्वारा विधिवत तुलसी विवाह संपन्न कराया गया। जिसको लेकर इलाका भक्ति भाव में सराबोर रहा।
आचार्य नंदकिशोर झा ने बताया कि कार्तिक शुक्ल पक्ष एकादशी को हरि प्रबोधिनी एकादशी देवोत्थान के मौके पर तुलसी विवाह होता है। इस दिन माता तुलसी का विवाह महोत्सव विभिन्न जगहों पर संपन्न हुआ था। पवित्र तुलसी विवाह के मौके पर यहां लक्ष्मीपुर बखरी व बरियारपुर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। आचार्य द्वारा विधि विधान के साथ तुलसी विवाह संपन्न कराया गया। इस मौके पर महिलाओं ने मंगल गीत गाए। जिससे स्थल भाव विभोर हो चला। दुर्गा देवी, चंचल कुमारी, कंचन कुमारी, सुप्रिया कुमारी, नीतू कुमारी, विभा, नेहा, चांदनी, अनामिका, पूनम, पूजा, नीतू रेणु आदि ने बताया कि माता तुलसी सबसे पवित्र है। यह घर आंगन की शोभा के साथ पूज्यनीय होती है। इनकी पूजा सालों भर लोग घर आंगन में करते हैं। इस दिन भगवान विष्णु चातुर्मास के बाद जगते हैं। इसके बाद सारे शुभ कार्य पर लगे विराम समाप्त हो जाते हैं। उधर महुआ सिंघाड़ा गोविंदपुर तथा बरियारपुर में उमेश सिंह व सुनैना देवी के द्वारा तुलसी पूजन विधि विधान के साथ किया गया। इस मौके पर यहां श्रद्धालुओं की भीड़ रही। यहां वेद मंत्रों से स्थल गूंजता रहा।
