गंगा स्नानियों की भीड़ से महुआ हाजीपुर मार्ग हुआ गुलजार स्नान करने जाने वाले श्रद्धालुओं में महिलाओं की संख्या अधिक
गंगा स्नानियों की भीड़ से महुआ हाजीपुर मार्ग हुआ गुलजार
स्नान करने जाने वाले श्रद्धालुओं में महिलाओं की संख्या अधिक
महुआ। रेणु सिंह
सतुआ सम्मर बांधकर श्रद्धालु कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए रविवार को निकल पड़े। वे रात में गंगा सेवन कर सोमवार की भोर में पवित्र स्नान करेंगे। श्रद्धालु गंगा स्नान के साथ वही सतुआ, मूली, अदरक आदि प्रसाद के रूप में ग्रहण करेंगे।
गंगा स्नानियों की भीड़ से महुआ हाजीपुर मार्ग गुलजार रहा। सुबह से ही श्रद्धालुओं की टोली विभिन्न वाहनों पर गाते बजाते हुए हाजीपुर के लिए निकले। श्रद्धालुओं में महिलाओं की संख्या अधिक रही। उनमें कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान को लेकर भक्ति, आस्था और विश्वास सिर चढकर बोल रही थी। श्रद्धालुओं ने बताया कि वे लोग रात को नारायणी तट पर रहकर सेवन करेंगे और सोमवार की भोर में पवित्र स्नान कर वही सतुआ का ग्रहण प्रसाद के रूप में करेंगे। कार्तिक पूर्णिमा पर सतुआ खाना सात्विक भोजन माना गया है।
पूजा पाठ के साथ बच्चों का विभिन्न संस्कार भी—
नारायणी तट पर श्रद्धालु पूजा पाठ के साथ बच्चों के विभिन्न संस्कार भी कराएंगे। बताया गया कि मन्नत उतारने के लिए काफी संख्या में श्रद्धालु कार्तिक पूर्णिमा को नारायणी तट पहुंचाते हैं। जहां भगवान की पूजा अर्चना के साथ मनौती कर रखे लोग अपने बच्चों को विभिन्न संस्कार नामाकरण, अन्नप्राशन, विद्यारंभ, मुंडन, जनेऊ आदि कराते हैं। इस मौके पर किन्नर का नाच भी लोग कराते हैं। इसके लिए महुआ से काफी संख्या में किन्नरों की टोली हाजीपुर निकली।
ओझा तांत्रिक द्वारा की जाएगी तंत्र-मंत्र सिद्धि:
कार्तिक पूर्णिमा पर ओझा, तांत्रिक, बाबा भूइंया को पूजा दिलाने वाले भक्त आदि के द्वारा तंत्र-मंत्र सिद्धि की जाएगी। वही इस मौके पर नया तंत्र-मंत्र सीखने वाले भी नारायणी में डुबकी लगाकर सिद्ध करेंगे। इसको लेकर महुआ से काफी संख्या में ओझा, तांत्रिक भक्तजी आदि हाथ में जादुई छड़ी लिए हाजीपुर के लिए निकले। उन्होंने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा पर तंत्र-मंत्र की सिद्धि होती है। इधर साधु संत की टोली भी गंगा स्नान के लिए निकली।
