चुनाव के महापर्व में पुरुषों को पीछे छोड़ महिलाओं ने लिया बढ चढ़कर भाग
चुनाव के महापर्व में पुरुषों को पीछे छोड़ महिलाओं ने लिया बढ चढ़कर भाग
खेतों की मजदूरी और घर के कामकाज छोड़ महिलाओं ने पुरी की जिम्मेदारी

महुआ से रेणु सिंह की रिपोर्ट, NR इंडिया NEWS
चौथे चरण में उजियारपुर संसदीय क्षेत्र अंतर्गत महुआ अनुमंडल के पातेपुर और जंदाहा के आंशिक भाग में सोमवार को हुए चुनाव के महापर्व में महिलाओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। वह खेतों की कामकाज के साथ घर के चौका बर्तन छोड़ पहले मतदान कर लोकतंत्र में अपनी जिम्मेदारी निभाई। तपती धूप और उमस भरी गर्मी में भी महिलाएं बूथों पर मतदान करने के लिए अपनी बारी का इंतजार करती रही।
पातेपुर के कोऑपरेटिव कार्यालय बूथ पर सुबह सूरज की किरणें आने के साथ ही महिला वोटरों की कतार लग गई। महिलाओं की लंबी तादाद को देख मतदान कर्मी भी जल्दी-जल्दी नहा धोकर समय से अपने काम पर डट गए। इस बीच पुरुष मतदाताओं की टोली भी धीरे धीरे जुटने लगी। यहां बूथ पर लंबी कतार होने के बावजूद महिला वोटर अपने कर्तव्य पालन को लेकर तेज धूप और गर्मी से हार नहीं मानी और इवीएम का बटन दबाने के लिए अपनी बारी आने का इंतजार करती रही। महिलाओं की कतार में फर्स्ट टाइम वोट देने वाली युवतियां भी डटी थी। कतार में खड़ी फर्स्ट टाइम वोटर युवती सोनम, साध्या, नीतू, मनीषा, नीलू आदि ने बताया कि पहली बार इवीएम का बटन दबाने का मौका मिला है। चाहे जितनी देर लगेगी, पंक्ति में खड़ी होकर अपनी बारी आने का इंतजार करुंगी। यहां पर भीड़ में कुछ महिला वोटर पंक्ति को तोड़कर बीच में घुसाना चाहती थी। जबकि सजग बोटरो में उनका चारा नहीं चल रहा था। बूथ पर तैनात पुलिस के जवान भी पंक्ति को बेधकर बीच में किसी को आने नहीं दे रहे थे। इसी तरह इधर जंदाहा प्रखंड के मलिकोली में बूथों पर पुरुषों के से ज्यादा महिलाओं की कतार लगी थी। पूछने पर महिला वोटरों ने बताया कि यह भी एक महापर्व है। जिसे अन्य पर्व की तरह मनाने के लिए बगैर नाश्ता पानी के बूथ पर आई हूं।
पहले मतदान फिर जलपान का महिलाओं ने पूरा किया वादा:
पहले मतदान फिर जलपान का चुनाव आयोग द्वारा दिया गया नारा को यहां महिलाओं ने पूरा किया। उन्होंने अन्य पर्व की तरह इस चुनाव के महापर्व को भी भूखे प्यासे रहकर मनाया। घर की चौका बर्तन से लेकर रसोई का काम महिलाओं ने वोट डालने के बाद ही किया। घर में जिनके पास छोटे-छोटे बच्चे थे, उन्हें बिस्किट वगैरह देकर वे बूथ पर चली गई। हालांकि महिलाओं को उत्साह और उमंग के बीच वोट डालने के बावजूद वोटिंग प्रतिशत का कम होना पुरुष वोटरों की ओर अपनी जिम्मेदारी से मुकड़ने को इशारा भी कर रही है। वोटरों के बीच चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के बावजूद पातेपुर क्षेत्र में 56 प्रतिशत वोटिंग होना बताया जा रहा है।
