April 18, 2026

NR INDIA NEWS

News for all

सिमटता जा रहा सोनपुर मेले का स्वर्णिम इतिहास : डॉ अजीत कुमार।

सिमटता जा रहा सोनपुर मेले का स्वर्णिम इतिहास : डॉ अजीत कुमार।

रिपोर्ट सुधीर मालाकार।

हाजीपुर (वैशाली)एशिया प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र मेला सोनपुर – हाजीपुर,बिहार जिसे भारत के अतीत का स्वर्ण काल कहा जाता है। आज अपने बिखरते स्वरूप, सिमटते आकार ,सरकार की उदासीनता एवं प्रशासन की अफसर शाही के कारण समाप्त होने के कगार पर पहुंच गया है ।अपनी वैश्विक पहचान खोती जा रही है। हरिहर क्षेत्र मेला का अस्तित्व को बचाने, इसके आकार और स्वरूप का विस्तार करने ,मेला को अंतर्राष्ट्रीय पशु मेला घोषित करने के अलावा हरिहर क्षेत्र मेला को प्रयागराज महाकुंभ की तर्ज पर “हरिहर क्षेत्र महोत्सव “का आयोजन करने , इसे पर्यटक केन्द्र घोषित करने ,पशु- पक्षी के प्रदर्शनी एवं क्रय- विक्रय पर से प्रतिबंध हटाने के साथ ही मेला का संरक्षण संवर्धन एवं विस्तार के लिए एकमात्र आशा की किरण आप दिख रही है ।बिहार ही नहीं अपितु देश भर के लाखों लोगों की उत्कट अभिलाषा है कि एक बार इस मेले का शुभ उद्घाटन महामहिम राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू कर -कमलों द्वारा हो ।
जिस तरह भगवान राम के चरण स्पर्श होने से मां देवी अहिल्या का उद्धार हुआ था।उसी तरह लोगों को आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास है कि राष्ट्रपति के कमल चरण हरिहर क्षेत्र मेला में पड़ने इसका भी उद्धार होगा ।बाबा हरिहरनाथ का दर्शन भी करें। तो इस धार्मिक- आध्यात्मिक महत्व के मेले का जिर्णोधार हो जाएगा।
हम आम नागरिक, मेला के आयोजक, लाखों श्रद्धालुओं एवं संत -महात्माओं की तरफ से आपसे करबद्ध प्रार्थना करते हैं कि हरिहर क्षेत्र मेला की शुभ उद्घाटन हमारे देश के महामहिम के द्वारा ही हो ऐसी परंपरा प्रारंभ होनी चाहिए। जिससे कि मेला की खोई हुई प्रतिष्ठा ,स्वरूप और आकार एवं प्रसिद्धि पुनः स्थापित हो सके ।
पौराणिक, धार्मिक और सांस्कृतिक आख्यानों में वर्णित है कि इस मेले में हजारों वर्षों से तीर्थयात्री हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गंगा और गंडक नदी के पवित्र संगम पर स्थित कोनहारा घाट हरिपुर (हाजीपुर ),सारण जिले के सोनपुर अनुमंडल में स्थित काली घाट, गंगा घाट धाम, सबलपुर और पहलेजा धाम , हाजीपुर -सोनपुर में लगभग 24 – 25 लाख श्रद्धालु एवं विभिन्न आखड़ो के हजारों साधु संत गंगा स्नान कर बाबा हरिहर नाथ मंदिर सोनपुर में पूजा अर्चना करते हैं।
जो गुरु जय नारायण सिंह उर्फ ओम जी ने अपने संबोधन में कहा कि यहां संपूर्ण भारत के कोने-कोने से श्रद्धालु, संत- महात्मा , किसान और व्यापारी आते हैं। इसका विशेष आर्थिक महत्व है कृषि और ऋषि से जुड़ा हुआ क्षेत्र हरिहर क्षेत्र मेला का हर हाल में विकास होना चाहिए इसे किस नौजवानों का रोजगार भी जुड़ा हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.