April 21, 2026

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आत्म-चिंतन और आत्म-दर्शन से ही होगा आत्म-परिवर्तन – इससे तनावमुक्त, व्यसनमुक्त व अपराधमुक्त जीवन सहज संभव

आत्म-चिंतन और आत्म-दर्शन से ही होगा आत्म-परिवर्तन – इससे तनावमुक्त, व्यसनमुक्त व अपराधमुक्त जीवन सहज संभव

खानपुर: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, समस्तीपुर के द्वारा स्थानीय दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित तीन दिवसीय स्वर्णिम भारत नवनिर्माण आध्यात्मिक प्रदर्शनी के दूसरे दिन लोग बड़ी संख्या में आते रहे।

वहीं राजयोग मेडिटेशन शिविर के प्रथम दिन बीके सविता बहन ने आत्म-साक्षात्कार कराते हुए कहा कि स्वयं के सत्य स्वरूप को जानना, मानना और उस अनुसार चलना- यही आत्मज्ञान है। हर धर्म ने आत्मा के अस्तित्व को स्वीकार किया है, इसके कई वैज्ञानिक प्रमाण भी उपलब्ध हैं। लेकिन क्या कारण है जो हम स्वयं को आत्मा के बजाय शरीर समझ कर ही कार्य-व्यवहार में आते हैं? आत्मा के सत्य परिचय के अभाव में हम स्वयं के सत्य अनुभव से कोसों दूर रहते हैैं। शांति, खुशी, प्रेम, आनंद को बाहरी साधनों, व्यक्तियों व स्थानों में ढूंढ़ते रहते हैं। ठीक वैसे ही जैसे कस्तूरी मृग स्वयं के अंदर से आते हुए कस्तूरी की खुशबू को बाहर ढूंढ़ते हुए भटकता रहता है। स्वयं आत्मा ही गुणों का स्वरूप है। स्वयं को आत्मा निश्चय करते ही आत्मिक गुणों और शक्तियों का अनुभव होने लगता है। आत्मा इस शरीर रूपी वस्त्र को पहनकर इस सृष्टि रूपी रंगमंच पर अपना रोल अदा कर रही है। जैसे एक्टर को पता होता है कि शूटिंग पूरी होने के बाद वापस घर जाना है। ऐसे इस संसार रुपी नाटक के डायरेक्टर स्वयं परमात्मा आकर हम आत्मा रूपी एक्टर्स को बताते हैं कि अब अपनी शूटिंग पूरी कर वापस घर जाने का समय है। अब अपने वास्तविक आत्मिक रूप मेें वापस अपनी घर वापसी करनी है और आत्माओं के घर परमधाम अथवा शांतिधाम में लौटना है। आत्मा पावन बनकर ही घर जा सकती है। आत्म-चिंतन और आत्म-दर्शन के इस छोटे से अभ्यास से ही आत्म-परिवर्तन होगा और हम सहज ही तनावमुक्त, किसी भी प्रकार के व्यसन से मुक्त, अपराधमुक्त और सुसंस्कृत, सभ्य एवं सकारात्मक समाज का निर्माण कर सकते हैं। अभ्यास की निरंतरता ही सफलता की कुंजी है। इसके हजारों उदाहरण विद्यमान हैं।

उन्होंने रविवार को प्रदर्शनी के अंतिम दिन ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रदर्शनी का लाभ लेने का आह्वान किया, जो सुबह 10:00 बजे से संध्या 6:00 बजे तक प्रखंड के दुर्गा मंदिर परिसर में चलेगी। सात दिवसीय नि:शुल्क राजयोग मेडिटेशन शिविर के लिए भी अच्छी संख्या में लोगों का नामांकन जारी है।

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