सदर अस्पताल, हाजीपुर के सभागार में” राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम आयोजित
सदर अस्पताल, हाजीपुर के सभागार में” राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम आयोजित
रिपोर्ट :नसीम रब्बानी, वैशाली बिहार
सदर अस्पताल, हाजीपुर के सभागार में” राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम, वैशाली (हाजीपुर) अन्तर्गत संवेदीकरण प्रशिक्षण तथा नशा मुक्त अभियान के जागरूकता का आयोजन
हाजीपुर :डॉ० राजेश किशोर साहू, गैर संचारी-सह-नोडल पदाधिकारी, वैशाली की अध्यक्षता में अन्य सरकारी पदाधिकारियों श्री सिताराम सिंह, संचारी पदाधिकारी, डॉ० एस० के० दिवाकर, मानसिक रोग विशेषज्ञ, डॉ० खुशबु कुमारी, होमी भाभा कैंसर अस्पताल, मुजफ्फरपुर एवं अन्य हितधारकों हेतु संवेदीकरण सह प्रशिक्षण कार्यशाला तथा नशा मुक्त अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के सभी प्रशासनिक पदाधिकारियों, वैशाली जिला अन्तर्गत थाना अध्यक्षों के अलावे एनजीओ से श्री सुरेन्द्र कुमार, सचिव, ग्रामिण चिकित्सा कल्याण विकास संस्थान, हाजीपुर तथा सचिव अम्बेदकर दलित अपात सेवा समिति, महनार भी उपस्थित हुयें। डॉ० राजेश किशोर साहू ने तम्बाकू नियंत्रण हेतु छापामार दस्ता के सदस्यों को निर्देश दिया कि शैक्षनिक स्थान के 100 गज के दायरें में अवस्थित सभी तम्बाकू उत्पाद बेचने वाले दुकानदारों को हटवाते हुये नियमित रूप से छापामारी करने का निर्देश दिया। अपने सम्बोधन में जिला नोडल पदाधिकारी ने कहा कि इस अभियान को सफल करने के लिये हमें मिलकर प्रयास करना होगा जिसे हम अपने आने वाले पिढ़ी के भविष्य को बचा सकते हैं साथ ही समाज के आम लोगों के बीच जाकर लोगो को तम्बाकू का सेवन नही करने हेतु प्रेरित एवं जागरूक करना होगा जिसे तम्बाकू के सेवन पर नियंत्रण लगाने में सफलता मिलेगी। तम्बाकू नियंत्रण हेतु राज्य सरकार की तकनिकी सहयोगी संस्था सोसिवो इकोनोमिक एंड एजुकेशनल डेभलपमेंट सोसाईटी (सीड्स) के कार्यपालक निर्देशक श्री दीपक मिश्रा तथा राज्य कार्यक्रम प्रबन्धक श्री सुदर्शन सिंह ने राज्य सरकार एवं सीड्स के द्वारा संयुक्त रूप से राज्य के सभी 38 जिलों में चलाये जा रहे तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत कोटपा 2003 की विभिन्न धाराओं के बारे में विस्तार से बताया साथ ही कोटपा चलान के बारें में भी विस्तार से बताया, उन्होंने बताया कि तम्बाकू सेवन करना एक खतरनाक आदत है। जहां छोट-छोटे बच्चें हैं वहां तो स्थिति और भी अधिक नाजुक बन जाती है। तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम को अभियान के रूप में चलाये जाने के काफी अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकतें है। सभी स्तर पर तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग की अपेक्षा है। उन्होने कहा कि जिस प्रकार कोविड 19 से लड़कर हमने उसे प्रास्त किया उसी प्रकार हमने तम्बाकू को समाप्त करने हेतु लड़ाई लड़नी पड़ेगी। विदित हो कि सार्वजनिक स्थलों यथा सिनेमा हॉल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, सार्वजनिक सड़क शिक्षण संस्थानों कार्यालय सहित अन्य संस्थानों पर धुम्रपान करना डंडनीय अपराध है। डॉ० खुशबु ने बताया कि कोटपा एक्ट को हम लोग कैसे फॉलो करवा सकते हैं। सबसे जरूरी है जागरूकता, स्कूल में बच्चों को, एच डब्लु सी सेन्टर पर आशा की कार्यकर्ता और सार्वजनिक स्थान पर दीवार पर पेंटिंग होनी चाहिए।
कार्यशाला के प्रारंभ में श्री दयानन्द श्रीवास्तव, जिला अनुश्रवण एवं मुल्यांकन पदाधिकारी ने सभी प्रतिभागीयों का स्वागत किया तथा कार्यक्रम का संचालन करते हुये श्री दयानन्द श्रीवास्तव ने अपने सम्बोधन में कहा कि तम्बाकू के सेवन से न सिर्फ सेहद पर इसका दुष्प्रभाव पड़ता है बल्कि आर्थिक नुकसान भी होता है अतः तम्बाकू सेवन न करके जिंदगी के साथ साथ आर्थिक नुकसान को भी बचाया जा सकता है। मनोवैज्ञानिक सुश्री सुष्मिता भारती ने लोगों को नशा छोड़ने तथा तम्बाकू उत्पाद से दूर रहने के लिये जागरूक किया। उन्होने बताया कि नशा छोड़ने के लिये अपने इच्छा शक्ति को मजबूत करें, निकोटीन पैच की मदद लें, तम्बाकू उत्पाद से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक रहें तथा स्वास्थ्य सेविकाओं द्वारा हर गांव में लोगो को जागरूक किया जाये ताकि हमारा समाज नशामुक्त हो सकें।
आज के कार्यशाला में थाना अध्यक्षों के अलावा होमी भाभा कैंसर अस्पताल से स्टाफ नर्स वन्दना कुमारी, साहिम परवीन, जिला स्वास्थ्य समिति से श्रीमति निभा रानी, जिला सुमुदायिक उत्प्रेरक, जिला मानसिक स्वास्थ्य केन्द्र से श्री दयानन्द श्रीवास्तव, श्री हरबंस कुमार, ग्रामिण चिकित्सा कल्याण विकास संस्थान से कोषाअध्यक्ष श्रीमति विमला जी के साथ पुनम कुमारी, किरण देवी, अखिलेश कुमार, रंजन कुमार, कुनाल कुमार, सोनी देवी सभी स्वास्थ्य परामर्शी एवं कल्यानम सेवा संस्थान से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सुनील कुशवाहा तथा बहुत सारे स्वास्थ्य कर्मी इत्यादी उपस्थित थे।
