आचार्य अभिषेक जी महाराज ने भक्त प्रह्लाद और ध्रुव जी कथा को विस्तार पूर्वक बताए
सोनपुर।विश्व विख्यात हरिहर क्षेत्र सोनपुर के पवित्र स्थल सबलपुर में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के तीसरे दिन कथा श्रवण करने के लिए कड़ाके की ठंड के परवाह किए बिना महिला, पुरुष ,बच्चे की संख्या दिन पर दिन बढ़ते ही जा रहा हैं। कथा के तीसरे दिन वृंदावन से पधारे कथा व्यास आचार्य अभिषेक जी महाराज ने भक्त प्रह्लाद और ध्रुव जी कथा को विस्तार पूर्वक बताए। उन्होंने कहा कि भगवान की भक्ति में ही शक्ति है। भागवत कथा सही मार्ग दिखाती है, भक्ति करनी है तो ध्रुव और भक्त प्रहलाद जैसी करो। भगवान ने प्रह्लाद के लिए अवतार लेकर हिरण्कश्यपु का वध किया था। यदि भक्ति सच्ची हो तो ईश्वरीय शक्ति अवश्य सहायता करती है। भागवत कथा सुनना और भगवान को अपने मन में बसाने से व्यक्ति के जीवन में परिवर्तन आता है। भगवान हमेशा अपने भक्त को पाना चाहते हैं। जितना भक्त भगवान के बिना अधूरा है उतना ही अधूरा भगवान भी भक्त के बिना है। व्यासपीठ से अभिषेक महाराज जी ने आगे बताए कि जय और विजय को सनकादी ऋषियों के द्वारा शाप देना जिसके परिणाम में जय और विजय धरती पर सतयुग में हिरण्याक्ष व हिरण्यकश्पय के रूप में आए। उन राक्षसों के आतंक से सज्जनों और भगवद भक्तों को बचाने के लिए स्वयं भगवान विष्णु ,वराह और नरसिंह के रूप में अवतार लिए । इसी प्रकार त्रेता युग में रावण और कुंभकरण के उद्धार करने के लिए भगवान श्री राम के रूप में आए। वहीं द्वापर युग में शिशुपाल व दंतवक्र को उद्धार के लिए श्रीकृष्ण रूप में आए।कथा के बीच में भगवान शिव सती का प्रसंग आचार्य जी महाराज के द्वारा श्रवण करने का सभी श्रद्धालु भक्तों को अवसर मिला ।वहीं कथा के अंत में महाराज जी के द्वारा कश्यप जी के धर्मपत्नी अदिति को पयोव्रत का उपदेश के बारे में बताये और महाराज जी ने कहा कि कोई भी महिला अगर एक वर्ष तक पयोव्रत का पालन करें तो उसके घर में भगवान जैसे कुमार जीवात्माएं जन्म लेंगे जो हमारे कुल व राष्ट्र का नाम रोशन करेंगे।जिस व्रत के प्रभाव से अदिति के गर्भ से स्वयं भगवान विष्णु, वामन भगवान के रूप में जन्म लिए। साथ ही साथ वामन भगवान की झांकी भी निकाली गई। समाजसेवी लाल बाबु पटेल ने बताया कि रविवार को भगवान श्री कृष्ण की जन्मोत्सव,उनके भव्य झांकियां के साथ मनाई जाएगी। जिसमें माखन मिश्री से भगवान श्री कृष्ण का भोग लगेगा और सभी भक्तजन मीठे प्रसाद को लेंगे और अपने जीवन को जैसे भगवान श्री कृष्ण के जन्म लेते ही सारी बेड़ियां ,सारे ताले खुल गए वैसे ही इस प्रसंग को सुनने वाले भक्त श्रद्धालु जन के जीवन में जितने भी कष्टप्रद बेड़ियां और ताले हैं सभी खुल जाएंगे। श्रीमद् भागवत गीता ज्ञान महायज्ञ दिनांक 2 जनवरी से शुरू हो कर 8 जनवरी तक कथा नित्य प्रति दिन संध्या 4 बजे से रात्रि 7 बजे तक चल रही है। सबलपुर चारों पंचायत भक्ति के रस में डूबा हुआ है। गांव गली में राधे राधे गूंज रही है।श्रद्धालु भक्त श्रीमद् भागवत गीता ज्ञान यज्ञ में डुबकी लगाकर कथा का श्रवण करते रहे। कथा स्थल पर महिलाओं सहित पुरुष बच्चे श्रद्धालुओं की भीड़ उमर पड़ी। कथा के अंत में आरती के बाद प्रसाद का वितरण सभी श्रृद्धालुओं के बीच किया गया।
