महुआ के लोकप्रिय कवि प्रीतम कुमार झा ने स्वदेशी मेला में रश्मि पुंज साहित्यानुरागी संस्थान द्वारा कवि सम्मेलन में काव्य रसधार बहाया।
महुआ के लोकप्रिय कवि प्रीतम कुमार झा ने स्वदेशी मेला में रश्मि पुंज साहित्यानुरागी संस्थान द्वारा कवि सम्मेलन में काव्य रसधार बहाया।
रिपोर्ट सुधीर मालाकार
हाजीपुर (वैशाली) जिले के महुआ नगर परिषद क्षेत्र के लोक प्रिय कवि प्रीतम कुमार झा ने झारखंड के बोकारो में आयोजित स्वदेशी मेला में रश्मिपुंज साहित्य अनुरागी संस्थान द्वारा कवि सम्मेलन में काव्य रसधार बहा कर लोगों को मंत्र मुक्त कर दिया।
सच हीं कहा गया है -“अगर दिल ने ठानी है, कुछ करने कि हासिल,कदम चूम लेती है, खुद आके मंज़िल।”आज के इस युग में भी साफ -सुथरी कविता और साहित्य सम्मान के पथ पर अग्रसर, अश्लील, द्विअर्थी संवादों से नितांत दूरी और बिना किसी प्रकार के शोषण के प्रतिभा को मंच प्रदान करने वाली संस्था रश्मि पुंज साहित्यानुरागी संस्थान का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन हर किसी के दिल को लुभा गया. इस्पातांचल स्वदेशी मेला, मजदूर मैदान, बोकारो सेक्टर -4 के मेला समिति का इसमें बड़ा ही सहयोग रहा।राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व विधायक बिरंची नारायण, संस्थान के अध्यक्ष प्रसिद्ध गीतकार डॉ गोविन्द गज़ब, राष्ट्रीय महासचिव करुणा कलिका, अन्तर्राष्ट्रीय कवि प्रीतम कुमार झा, सह संयोजक गायक अरुण पाठक और अन्य उपस्थित कवियों और कवयित्री गण ने संयुक्त रूप से किया। डॉ गोविन्द गज़ब के शानदार संचालन ने कवि सम्मेलन को शानदार परवाज़ प्रदान किया। आगत कवियों में राकेश श्रीवास्तव नाजुक, सरोज झा झारखंडी, डॉ आशा पुष्प, डॉ परमेश्वर भारती, कनक लता राय, शिला तिवारी, प्रसिद्ध गीतकारा सह शायरा रीना यादव, माला जी, श्री प्रभात कुमार के अलावे अन्य स्थानीय कविगण शामिल थे। अन्तर्राष्ट्रीय कवि और महुआ के लाल प्रीतम ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर उपस्थित जनसमूह को झूमने और तालियाँ बजाने पर विवश कर दिया। देर रात तक चले इस कवि सम्मेलन में गीतों, ग़ज़लों, शायरी, हास्य के साथ हीं देशभक्ति और महिला सम्मान रचनाओं को रसधार बहती रही।
