पराक्रमी योद्धा छत्रपति शिवाजी जी महाराज की जयंती हिन्दू रक्षक दिवस की रूप में मनाई गई।
रिपोर्ट सुधीर मालाकार। हाजीपुर (वैशाली)
हिंद स्वराज के संस्थापक प्रतापी योद्धा साहस व शौर्य प्रतीक शिवाजी महाराज की आलोक गेस्ट हाउस दिघी हाजीपुर के सभागार में 395 वीं जयंती समारोह में हिंदू रक्षक की शौर्य गौरव गाथा की कहानी गूंज उठी lसमारोह के मुख्य वक्त प्रोफेसर (डॉ) अजीत कुमार संबोधित करते हुए कहा कि शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हिंदू रक्षक हीरो थे। उन्होंने औरंगजेब जैसे अत्याचारी अतायी हिंदू विरोधी शासक को सबक सिखाया और सनातन धर्म की रक्षा की साथ ही हिंद स्वराज की स्थापना किया। 19 फरवरी सन 1630 ई को शिवनेरी के किले में शिवाजी महाराज का जन्म हुआ था। विरंगिणी माता जीजाबाई शिवा का लालन- पोषण रामायण ,महाभारत एवं भारतीये महापुरुषो की वीर गाथा की शिक्षा देकर किया lदादाकोण देव के संरक्षण में उन्हें सभी तरह की सामयिक युद्ध कौशल आदि कि कठिन युद्ध विधाओं में निपुण बनाया। धर्म संस्कृति राजनीति की भी उचित शिक्षा दी गई ।उस युग के परम संत रामदेव के संपर्क में आने से शिवा पूर्णतया हिंदू संस्कृति एवं राष्ट्र प्रेमी कर्तव्य परायण एवं कर्मठ योद्धा बन गए। शिवाजी महाराज से भयभीत घबराए औरंगजेब ने उन्हें जिंदा या मुर्दा पकड़ कर लाने का आदेश सेनापति अफजल खान को दिया। शिवाजी महाराज ने मक्कार फरेबी अफजल खान को नखवघा से पेट फाड़ उसका वध कर दिया। वही शिवाजी महाराज को गिरफ्तार करने शाइस्ता खाने लाल महल को एक लाख सी से खेल डाले हुए था लाल महल दादा कौन देव और शिवाजी महाराज ने अपनी रानी में बनवाया था जिसे बेहद प्यार करते थे रमजान के दिन शिवाजी महाराज ने उसके किले में घुसकर शाइस्ता खान का वध कर दिया। शिवाजी महाराज की जयंती समारोह स्वामी विवेकानंद सामाजिक शोध संस्थान हाजीपुर के तत्वाधान में समारोह पूर्वक मनाया गया। समारोह की अध्यक्षता प्रोफेसर( डॉ )अजीत कुमार एवं मणि भूषण प्रसाद सिंह अकेला ने संयुक्त रूप से किया। जबकि संचालन शिवनाथ सिंह प्रदेश उपाध्यक्ष क्षत्रिय महासभा बिहार ने की। समारोह में सर्वप्रथम छत्रपति शिवाजी महाराज के तैलिय चित्र पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्वलित कर उमाशंकर सिंह अध्यक्ष क्षत्रिय चेतन मंच प्रो दामोदर प्रसाद सिंह प्रो (डॉ ) अजीत कुमार शिवनाथ सिंह प्रोफेसर संजय कुमार सिंह जय नारायण सिंह एवं डॉ रामानंद सिंह एवं राणा सिंह ने संयुक्त रूप से वैदिक रीति रिवाज के साथ विधिवत उद्घाटन किया। उद्घाटन में वंदे मातरम, भारत माता की जय ,जय श्री राम जय भवानी एवं जय शिवाजी महाराज की जय गगन भेदी नारा गूंज उठा। जयंती समारोह को संबोधित करते हुए प्रो दामोदर प्रसाद सिंह ने कहा कि शिवाजी महाराज की जयंती “हिंदू साम्राज्य दिवस “के रूप में मनाया गया है । उन्होंने हिंदुओं को लालकारते हुए कहा कि “काशी कर्बला होती, मथुरा मदीना ,शिवाजी न होते तो सुन्नत होगी होती सबकी” डॉ अजीत कुमार ने कहा कि हिंदुत्व का अस्तित्व जब खतरे में था ।गाय गीता मंदिर भगवान की मूर्ति एवं मंदिर की विकट परिस्थिति में शिवाजी महाराज ने रक्षा की ।वे भगवान शिव का अवतार थे। शिवाजी महाराज की जयंती समारोह के संयोजक शिवनाथ सिंह जी ने शिवाजी महाराज को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि शिवाजी की जयंती हमें हिंदू संस्कृति की रक्षा के लिए शिवाजी महाराज के संघर्ष त्याग और बलिदान को याद दिलाता है। शिवाजी के उपलब्धियां को बखान करते हुए शिवनाथ सिंह क्षत्रिय महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष बिहार ने कहा कि शिवाजी का असली नाम छत्रपति शिवाजी महाराज भोंसले था। वे हिंद स्वराज के संस्थापक परम प्रतापी योद्धा एवं श्रेष्ठ रणनीतिकार थे। जिनके नाम सुनने से औरंगजेब के पसीने छूटने लगता था। शिवाजी महाराज जन्मजात दूरदर्शी नेतृत्व करता थे उन्होंने 17वीं शताब्दी में यूरोपी पुर्तगाल को खदेड़ अपनी नौसेना (नेवी) की नींव रखी। वे ईस्ट इंडिया कंपनी, पुर्तगाल एवं डच जहाजो से बाकायदा कर की वसुली भी क्या करते थे। उमाशंकर सिंह अध्यक्ष क्षत्रिय चरित्र मंच ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज कुशल रणनीतिकार गोरिल्ला यद्ध कौशल और शाम दाम दंड भेद के महारथी थे, शिवाजी महाराज को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए जय नारायण सिंह अध्यक्ष पतंजलि योग समिति ने नौजवानों को अपील करते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों व आदर्शो को आज के युवा पीढ़ी को आत्मसात करने की जरूरत है। जयंती समारोह में प्रोसेसर दामोदर प्रसाद सिंह ,मणि भूषण सिंह अकेला ,शिवनाथ सिंह ,प्रो (डॉ )अजीत कुमार ,प्रो संजय सिंह ,जय नारायण सिंह, राणा सिंह ,उमाशंकर सिंह ,देवनारायण यादव ,आशुतोष चंद्र ,रविंद्र प्रसाद सिंह ,प्रोफेसर डॉ रामानंद सिंह, रितिक कुमार गौतम, मनीष कुमार, संतोष कुमार पोद्दार, टिंकू सौरभ कुमार ,प्रमोद सिंह ,आशुतोष ,चंद्र मुकेश कुमार सिंह ,मनीष कुमार सिंह, बम बम प्रोफेसर संजय कुमार सिंह ,दीनानाथ राय ,चंद्रशेखर झा ,सत्येंद्र सिंह ,रूपेश कुमार, जय नारायण सिंह ,कुमार दिनेश, रणबीर कुमार सिंह, आलोक कुमार ,अनीश कुमार सिंह, केपी सिंह ,शशिकांत झा एवं रामबाबू राय.ने शिवाजी महाराज को पुष्पांजलि कर उनकी शौर्य गाथा और उनके बलिदान को याद किया। समारोह में आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम संयोजक शिवनाथ सिंह ने नौजवानों को हिंदी हिंदू और हिंदुस्तान के अलावे गाय गंगा और गीता की रक्षा का संकल्प दिलाया। जयंती समारोह के अंत में राणा सिंह अनीश कुमार सिंह बम बम एवं रितिक कुमार गौतम ने आगत अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।