दो दिवसीय महुआ महोत्सव का डॉ मुकेश रौशन ने किया शुभारंभ।
महुआ नगर को महोत्सव के जैसा नहीं सजाया गया और ना ही साफ सफाई की गई
गांधी स्मारक ,बेचन शर्मा स्मारक पर भी लाइटिंग की व्यवस्था नहीं की गई।
दो तीन स्टॉल को छोड़कर सभी विभाग के स्टॉल खाली दिखे
पत्रकारों को बैठने की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी
दर्शक दीर्घा में केवल पदाधिकारी ही नजर आए ,दर्शकों कुर्सियां खाली दिखाई दी
रिपोर्ट सुधीर मालाकार ।
महुआ (वैशाली) बिहार सरकार के कला संस्कृति विभाग ,वैशाली प्रशासन एवं महुआ अनुमंडल प्रशासन के नेतृत्व में दो दिवसीय महुआ महोत्सव का शुभारंभ हुआ। समारोह का शुभ उद्घाटन महुआ के विधायक डॉ मुकेश रोशन एवं विधान पार्षद ब्रजवासी वंशीधर ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर वैशाली जिलाधिकारी यशपाल मीणा, महुआ अनुमंडल पदाधिकारी किसलय कुशवाहा, अनुमंडल पुलिस अधिकारी कुमारी दुर्गा शक्ति सहित महुआ, चेहरा कला ,पातेपुर ,जंदाहा के प्रखंड पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे ।इस मौके पर नगर परिषद सभापति नवीन चंद्र भारती, उपसभापति श्रीमती रोमी यादव सहित विभिन्न राजनीतिक दल के नेता, समाजसेवी ,कलाकार उपस्थित थे ।बिहार के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों ने अपने-अपने कला का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित लोगों ने ताली बजाकर सराहना की । महुआ महोत्सव में अधिकांश प्रशासनिक पदाधिकारी की उपस्थिति रही, जबकि स्थानीय लोगों की उपस्थिति बहुत कम देखी गई ।सामान्य दीर्घा में कुर्सियां खाली नजर आई। इसके पीछे लोगों ने बताया कि प्रशासन ने किसी प्रकार का प्रचार प्रसार नहीं किया। केवल अधिकारी एवं कर्मचारी तक बात फैलाई गई। बताते चले की दो दिवसीय महुआ महोत्सव में महुआ अनुमंडल प्रशासन द्वारा बहुत सी कमियां देखने को मिली ।जिसमें महुआ के हृदय स्थली गांधी स्मारक ,बेचन शर्मा स्मारक पर लाइटिंग की व्यवस्था नहीं की गई। नहीं कहीं तोरण द्वारा लगाए गए ।महुआ नगर को महोत्सव के रूप में नहीं सजाया गया, केवल गांधी मैदान में जो थी वही देखने को मिला। बाहर महुआ में बाजार की नहीं साफ सफाई कराई गई और नहीं लाइटिंग की किसी प्रकार की व्यवस्था की। महुआ महोत्सव के बने पंडाल के सामने अधिकारियों एवं नेताओं की बैठने की व्यवस्था तो थी लेकिन पत्रकारों के बैठने की व्यवस्था नहीं की गई थी, जो की व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है। सिर्फ दो-तीन ही विभाग के स्टाल लगे थे, सभी विभागों के स्टॉल खाली दिखे ।