April 22, 2026

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बिदुपुर में घूसखोर कम्प्यूटर डाटा ऑपरेटर 12 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार।

बिदुपुर में घूसखोर कम्प्यूटर डाटा ऑपरेटर 12 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार।

रिपोर्ट सुधीर मालाकार

हाजीपुर (वैशाली)निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम के द्वारा निगरानी थाना कांड सं0-015/25 आदित्य राजा, कम्प्यूटर ऑपरेटर, विदूपुर अंचल कार्यालय, जिला- वैशाली को 12,000/- (बारह हजार) रुपये रिश्वत लेते विदूपुर अंचल कार्यालय, वैशाली से रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।
परिवादी श्री शैलेन्द्र कुमार सिंह, पिता स्व० हरिविलास सिंह, ग्राम पो०- मथुरा, थाना- विदूपुर, जिला- वैशाली द्वारा निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराया गया था कि आरोपी आदित्य राजा, कम्प्यूटर ऑपरेटर, विदूपुर अंचल कार्यालय, जिला-वैशाली द्वारा जमीन का म्यूटेशन करने के लिए 12,000/- (बारह हजार) रूपये रिश्वत की मांग की जा रही है।
ब्यूरो द्वारा परिवादी की शिकायत का सत्यापन कराया गया एवं सत्यापन के क्रम में आरोपी आदित्य राजा, कम्प्यूटर ऑपरेटर, विदूपुर अंचल कार्यालय, जिला वैशाली द्वारा रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण पाया गया। प्रथम द्रष्ट्या आरोप सही पाये जाने के पश्चात् उपरोक्त कांड अंकित कर अनुसंधानकर्ता श्री विंध्याचल प्रसाद, पुलिस उपाधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के नेतृत्व में एक धावादल का गठन किया गया, जिनके द्वारा कार्रवाई करते हुए अभियुक्त आदित्य राजा, कम्प्यूटर ऑपरेटर, विदूपुर अंचल कार्यालय, जिला- वैशाली को 12,000/- (बारह हजार) रुपये रिश्वत लेते विदूपुर अंचल कार्यालय, वैशाली से रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त को पूछताछ के उपरांत माननीय न्यायालय, निगरानी, मुजफ्फरपुर में उपस्थित किया जायेगा। बताते चलें कि बिदुपुर प्रखंड व अंचल कार्यालय में व्याप्त घूसखोरी ,भ्रष्टाचार के खिलाफ स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने आमरण अनशन किया था ,जिसे वैशाली एडीएम ने भविष्य में आगे किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होने के आश्वासन के बाद अनशन तोड़वाया था । अभी एक सप्ताह भी नहीं गुजरा था और कार्यालय कंप्यूटर डाटा ऑपरेटर रंगे हाथ के गिरफ्तार हो गया। स्थानीय प्रतिनिधियों ने बताया कि डाटा ऑपरेटर तो एक मुखौटा है जो की वसूली की गई राशि पदाधिकारियों तक बांटा जाता है। एक तरफ बिहार के सुशासन बाबू कहते हैं कि भ्रष्टाचार जीरो टॉलरेंस पर है और दूसरे तरफ बिना रिश्वत घुस के कोई कार्य होता ही नहीं, जिसका जीता जागता उदाहरण महीने में कहीं ना कहीं कोई पदाधिकारी कर्मचारी का निगरानी विभाग द्वारा गिरफ्तार होना दर्शाता है।

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