हाफ़िज़ मुहम्मद सज्जाद की शादी फ़रज़ाना खातून से हुई।
हाफ़िज़ मुहम्मद सज्जाद की शादी फ़रज़ाना खातून से हुई।
शादियों और समारोहों में विदेशी भोजन और पेय जल से बचें: मौलाना कासिमुल हक यूसुफी
वैशाली : सज्जादा नशीं खानकाह तेगिया यूसुफिया चांदपुर फतह पातेपुर वैशाली हजरत मौलाना कासिमुल हक यूसुफी मदनी ने निकाह से पूर्व लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि शादी-ब्याह और खुशी के मौके पर हम विदेशी खान-पान से परहेज करें। क्यों कि कई चीजों के निर्माता यहूदी क़ौम हैं और यहूदी क़ौम मजहबे इस्लाम का और हमारी इस्लामी संस्कृति का खुला दुश्मन है । फिर किस स्नेह प्यार में हम सब (मेकअप) प्रोडक्ट्स, (कोल्ड ड्रिंक्स) आदि का इस्तेमाल करते हैं। आज हम तौबा करें और खुलकर बहिष्कार करें और अपने कार्यक्रम में शर्बत, खजूर का प्रबंध करें यही खिलाएं । उन्होंने अपने प्रार्थना भरे शब्दों में आगे कहा कि निकाह अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम) का सबसे प्रिय कार्य है, निकाह लड़के और लड़की को वासना से बचाता है। निकाह दिल और आत्मा की संतुष्टि है और मानव जाति के अस्तित्व का साधन भी है। ये बातें बीती रात हाफिज मुहम्मद सज्जाद अहमद इब्न मरहूम अब्दुल मुबीन चांदपुर फतेह पोस्ट राजा पाकर पातेपुर वैशाली संग फरजाना खातून बिन्त मुहम्मद कुर्बान अंसारी पर्सोनिया, पोस्ट मिर्जा नगर वैशाली का निकाह हजरत मौलाना मुहम्मद मुस्तकीम साहब डोगरा ने तमाम हाजिर लोगों के सामने 21786 इक्कीस हजार सात सौ छेयासी रुपए के साथ पहले गवाह श्री मुहम्मद हाशिम, दूसरे गवाह श्री मुहम्मद कलाम साहब की मौजूदगी में कराया। इस अवसर पर पीर तरीकत सूफी शाह मुहम्मद मोइनुद्दीन यूसुफी , महुआ विधानसभा विधायक प्रत्याशी 2025 श्री एम. जसीमुल हक, सूफी अमीनुल्लाह, मौलाना मुहम्मद फहीमुल हक, मुहम्मद आजाद, अंसार यूसुफ, अजमत अंसारी, मास्टर खुर्शीद, मुहम्मद नवाब, मुमताज अंसारी, हममाद मुस्तफा ,सन्नान मुज्तबा, तासीर प्रतिनिधि शराफत खान, मास्टर मुहम्मद दिलशिर, मास्टर मुहम्मद सिराज, मास्टर मुहम्मद आशिक, मास्टर मुहम्मद खुर्शीद, शायर अब्दुल्ला इमामी, शायर रोशन वैशालवी, शहबाज आलम, मुहम्मद मुर्तजा कर्णोती, अयाज अंसारी, मुहम्मद एहतेशाम, मौलाना मुहम्मद गुलाम मुस्तफा, कवि एवं पत्रकार इजाज आदिल शाहपुरी, मजहर हसन शाहपुर सहित दर्जनों सम्मानित विद्वान, कवि एवं मित्र शामिल हुए और दूल्हा-दुल्हन को शादी की बधाई दी। मुना शेख, मुहम्मद निसार अंसारी, मुहम्मद कलाम, मुहम्मद कासिम, मुहम्मद शहादत, मुहम्मद चाँद, मुहम्मद सदर आलम, मुहम्मद नज़र आलम, गुलाम रब्बानी और मुहम्मद आज़ाद ने अतिथियों को खुब सेवा की ।
